तुर्की में अमेरिकी राजदूत टॉम बैरक ने गोलान हाइट्स को 'कब्जे में' बताने वाले अपने पिछले बयान को वापस ले लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन की इजरायल की संप्रभुता वाली नीति अपरिवर्तित है।

  • अमेरिकी राजदूत टॉम बैरक ने गोलान हाइट्स को सीरियाई क्षेत्र बताने वाले बयान को वापस लिया।
  • अमेरिका ने दोहराया कि इजरायल की गोलान हाइट्स पर संप्रभुता की नीति नहीं बदलेगी।
  • बैरक के बयान से अमेरिका के भीतर और इजरायल समर्थक गुटों में भारी आक्रोश फैला था।

वॉशिंगटन/अंकारा: संयुक्त राज्य अमेरिका के तुर्की में राजदूत और सीरिया के लिए विशेष दूत टॉम बैरक ने एक महत्वपूर्ण बयान वापस लिया है। पिछले सप्ताह एक साक्षात्कार के दौरान, बैरक ने संकेत दिया था कि गोलान हाइट्स पर इजरायल का नियंत्रण अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के विरुद्ध है और यह सीरियाई क्षेत्र है। अब, रविवार को उन्होंने स्पष्ट किया है कि अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।

बैरक ने एसोसिएटेड प्रेस (AP) को दिए एक बयान में कहा, "गोलान पर संयुक्त राज्य अमेरिका की नीति 2019 में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा निर्धारित की गई थी और यह अपरिवर्तित है।" यह बयान सीधे तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस निर्णय की पुष्टि करता है जिसके तहत अमेरिका ने इजरायल के गोलान हाइट्स पर दावे को मान्यता दी थी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मध्य पूर्व में अमेरिका की विदेश नीति की स्थिरता को दर्शाता है। गोलान हाइट्स का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय कानून और क्षेत्रीय संप्रभुता के बीच एक गहरे संघर्ष का केंद्र बना हुआ है।

गोलान हाइट्स पर अमेरिका का रुख न केवल इजरायल के साथ उसके संबंधों को परिभाषित करता है, बल्कि यह सीरिया और तुर्की के साथ उसके रणनीतिक संबंधों को भी प्रभावित करता है।

ऐतिहासिक रूप से, इजरायल ने 1967 के छह दिवसीय युद्ध के दौरान गोलान हाइट्स पर कब्जा कर लिया था और 1981 में इसे अपने क्षेत्र में मिलाने की घोषणा की थी। ट्रंप प्रशासन के हस्तक्षेप से पहले, दुनिया का कोई भी देश इजरायल के इस दावे को मान्यता नहीं देता था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मान्यता ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की वैश्विक व्यवस्था के एक मुख्य सिद्धांत—बल द्वारा भूमि अधिग्रहण पर रोक—को चुनौती दी है।

बैरक के पिछले बयान पर इजरायल समर्थक गुटों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। कट्टरपंथी टिप्पणीकार लौरा लूमर ने उनके इस्तीफे की मांग की, जबकि रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने भी बैरक की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें ट्रंप के एजेंडे को लागू करने के लिए नियुक्त किया गया था।

Did You Know?: गोलान हाइट्स एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पठार है जो इजरायल, सीरिया और लेबनान की सीमाओं के मिलन बिंदु पर स्थित है।

Frequently Asked Questions

1. अमेरिका ने गोलान हाइट्स पर इजरायल के दावे को कब मान्यता दी?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2019 में आधिकारिक तौर पर इजरायल की गोलान हाइट्स पर संप्रभुता को मान्यता दी थी।

2. टॉम बैरक के बयान से विवाद क्यों हुआ?
बैरक ने कहा था कि गोलान पर इजरायली नियंत्रण संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के खिलाफ है, जो अमेरिकी विदेश नीति के आधिकारिक रुख के विपरीत था।