तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के अध्यक्ष बी. मणिकम् टैगर ने परंदुर हवाई अड्डा प्रोजेक्ट को रद्द करने के सरकार के निर्णय को तथ्य‑आधारित समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पहले की AAI रिपोर्ट और भूमि‑संबंधी समस्याओं पर आधारित था। कांग्रेस अब भी पारदर्शी परामर्श और बकाया मुआवजे की मांग कर रही है।
- परंदुर हवाई अड्डा रद्द करने का समर्थन तथ्य‑आधारित है।
- AAI की 2022 रिपोर्ट में जल‑भराव और भूमि‑समस्या पहले से ही दर्ज थी।
- कांग्रेस 30% बकाया मुआवजा और समुदाय‑परामर्श की माँग कर रही है।
बी. मणिकम् टैगर, तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के अध्यक्ष ने सोमवार को राज्य सरकार के परंदुर हवाई अड्डा परियोजना को रद्द करने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का समर्थन “तथ्य और सरकार के अपने रिकॉर्ड” पर आधारित है।
परिदृश्य का इतिहास
परंदुर साइट को 2022 में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की एक व्यवहार्यता रिपोर्ट में जल‑भराव और बड़े जलाशयों की उपस्थिति के कारण समस्याग्रस्त बताया गया था। रिपोर्ट में बताया गया कि साइट के 25% से अधिक हिस्से में कृषि तालाब और 201 हेक्टेयर का कृत्रिम जलाशय स्थित है, जो 1.4 किमी की दूरी पर है।
2026 में सरकार ने वही कारणों का हवाला देते हुए परियोजना को रद्द किया, जिससे विरोध प्रदर्शन की नई लहर उठी। यह विरोध केवल विकास के खिलाफ नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की भूमि, जल और आजीविका की रक्षा के लिए था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the cancellation highlights a growing demand for transparent land‑acquisition policies in India, especially for mega‑infrastructure projects that affect vulnerable communities.
“सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन के बिना बड़े प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाना लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है,” कहते हैं पर्यावरण वकील डॉ. रघु शेट्टी।
परियोजना तुलना
| मानदंड | परंदुर | पन्नूर |
|---|---|---|
| चेन्नई से दूरी | 62 किमी | 27.6 किमी |
| स्थानीय परिवारों की संख्या | ≈1,005 | ≈250 |
| भू‑कार्य (भरण‑समान) | दो गुना | एक गुना |
| प्रोजेक्ट लागत (अंदाज़ा) | उच्च | निम्न |
Frequently Asked Questions
परंदुर हवाई अड्डा रद्द करने का मुख्य कारण क्या था? AAI की 2022 रिपोर्ट में जल‑भराव और भूमि‑समस्या को प्रमुख कारण के रूप में दर्शाया गया था।
कांग्रेस ने भविष्य में कौन से कदमों की मांग की है? तीन महीने में भूमि का भविष्य स्पष्ट करना, बकाया 30% मुआवजा देना और किसी भी नई साइट के लिए पारदर्शी सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन करना।