केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। रिजिजू ने खेड़ा के 'अध-नग्न' तैराकी वाले कटाक्ष पर तीखा जवाब देते हुए पूछा कि क्या वे सूट-कोट पहनकर तैरते हैं।

  • केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के 'अध-नग्न' तैराकी संबंधी कटाक्ष का जवाब दिया।
  • रिजिजू ने खेड़ा से पूछा कि क्या वे सूट-कोट पहनकर तैरते हैं और उनके राजनीतिक अनुभव पर भी सवाल उठाया।
  • इस जुबानी जंग की शुरुआत रिजिजू द्वारा राहुल गांधी को अरुणाचल प्रदेश की नदी में तैरने की चुनौती देने के बाद हुई।

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के बीच हालिया फिटनेस बयानों को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अरुणाचल प्रदेश की एक नदी में तैरने की चुनौती देते हुए अपना एक वीडियो पोस्ट किया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, पवन खेड़ा ने रिजिजू पर तंज कसते हुए कहा कि वे (बीजेपी) राहुल गांधी से कितने परेशान हैं।

'अध-नग्न' टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया

खेड़ा की 'अध-नग्न' तैराकी संबंधी टिप्पणी पर रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने खेड़ा से पूछा, "क्या आप सूट और कोट पहनकर तैरने जाते हैं?" रिजिजू ने यह भी बताया कि खेड़ा केवल एक बार के राज्यसभा सांसद हैं, जबकि उन्होंने आठ चुनाव लड़े हैं। रिजिजू ने कहा, "यह आपको अभद्र टिप्पणी करने का अधिकार नहीं देता।" उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ग्रामीणों को प्रेरित करने और उनके साथ समय बिताने के लिए तैरते हैं, न कि राहुल गांधी को ध्यान में रखकर।

आसाम के सीएम से शिकायत की चेतावनी

रिजिजू ने पवन खेड़ा को यह भी चेतावनी दी कि यदि वे सोशल मीडिया पर 'गाली-गलौज' वाली टिप्पणी करना जारी रखते हैं, तो वे उनकी 'अनुशासनहीनता' की रिपोर्ट असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को करेंगे। यह टिप्पणी संभवतः इस साल की शुरुआत में खेड़ा और सरमा के बीच हुए कड़वे टकराव का संकेत थी। अप्रैल में, असम पुलिस ने एक मामले के संबंध में खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास का दौरा किया था, जो सरमा और उनकी पत्नी से जुड़े आरोपों से संबंधित था।

फिटनेस पर बहस का राजनीतिक मोड़

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश की तेज बहती नदी में तैरते हुए अपना एक वीडियो साझा किया। जब सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने उनकी तुलना राहुल गांधी से की, जिन्होंने अक्सर अपनी फिटनेस रूटीन के हिस्से के रूप में तैराकी और मार्शल आर्ट के बारे में बात की है, तो रिजिजू ने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ उनके जीवन का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, "राहुल जी ऐसी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण ले सकते हैं, लेकिन यह मेरे जीवन की एक सामान्य दिनचर्या है।"

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यह पहली बार नहीं है जब रिजिजू और गांधी के बीच फिटनेस को लेकर हल्की-फुल्की बातचीत हुई है। दिसंबर 2025 में, रिजिजू ने संसद में गांधी के साथ हुई बातचीत का एक वीडियो साझा किया था और कहा था कि वे राजनीति नहीं, बल्कि फिटनेस पर चर्चा कर रहे थे। गांधी ने कथित तौर पर उनसे उनके व्यायाम रूटीन के बारे में पूछा था और उन्हें एक साथ प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया था। फरवरी में बजट सत्र के दौरान गांधी ने जिउ-जित्सु तकनीकों को समझाते हुए और उन्हें एक राजनीतिक उपमा के रूप में उपयोग करते हुए इस बातचीत का उल्लेख किया था। जून में, रिजिजू ने गांधी को उनके 56वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी थीं, जिस पर गांधी ने जवाब दिया था, "धन्यवाद किरण रिजिजू जी। हमारी जिउ-जित्सु सेशन कब है?"

यह क्यों मायने रखता है

BozokMedia विश्लेषण बताता है कि यह जुबानी जंग दर्शाती है कि कैसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अक्सर व्यक्तिगत फिटनेस और स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डालती है। ऐसे बयान, भले ही व्यक्तिगत स्तर पर शुरू हों, अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन जाते हैं, जिससे जनता का ध्यान महत्वपूर्ण मुद्दों से हट सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक हस्तियों के बीच इस तरह की बहसें, हालांकि कभी-कभी मनोरंजक लगती हैं, लेकिन यह दर्शाती हैं कि कैसे व्यक्तिगत टिप्पणियां भी राजनीतिक रंग ले सकती हैं और राष्ट्रीय विमर्श को प्रभावित कर सकती हैं।
क्या आप जानते हैं?: किरण रिजिजू, जो खुद एक पूर्व युवा मामलों और खेल मंत्री रह चुके हैं, अक्सर फिटनेस और खेल को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने विभिन्न खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले कई युवा एथलीटों के साथ बातचीत की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. पवन खेड़ा ने किरण रिजिजू पर क्या कटाक्ष किया था?
    पवन खेड़ा ने किरण रिजिजू के एक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें वे नदी में तैर रहे थे, उन्हें 'अध-नग्न' तैराकी वाला बताकर तंज कसा था।
  2. किरण रिजिजू ने पवन खेड़ा को कैसे जवाब दिया?
    किरण रिजिजू ने पलटवार करते हुए खेड़ा से पूछा कि क्या वे सूट-कोट पहनकर तैरते हैं और उनके राजनीतिक अनुभव पर भी सवाल उठाया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि खेड़ा अपनी भाषा नहीं सुधारते तो वे असम के मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे।