तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माणिकम टैगोर ने आरटीआई के माध्यम से खुलासा किया है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना के तहत राज्य का ₹2,087 करोड़ का फंड रोक दिया है। उन्होंने इसे राज्य के साथ 'सौतेले व्यवहार' का नाम दिया है।

  • केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के लिए ₹2,087 करोड़ का मनरेगा फंड रोका है।
  • आरटीआई (RTI) के माध्यम से फंड की कमी का खुलासा हुआ है।
  • पिछले कुछ वर्षों में केंद्र द्वारा जारी किए गए फंड में भारी गिरावट आई है।

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के अध्यक्ष माणिकम टैगोर ने मंगलवार को केंद्र की भाजपा-नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) के तहत तमिलनाडु के लिए निर्धारित ₹2,087 करोड़ की राशि को रोककर रख रही है।

टैगोर ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए कहा कि सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत प्राप्त आंकड़ों ने केंद्र के 'सौतेले व्यवहार' को उजागर कर दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि जब ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और श्रमिक वर्ग आजीविका के संकट से जूझ रहे हैं, तब केंद्र सरकार धन का वितरण करने में विफल रही है।

वित्तीय डेटा का विश्लेषण

टैगोर द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (1 अप्रैल से 30 जून) के दौरान, तमिलनाडु सरकार ने 29.83 लाख परिवारों के 31.47 लाख श्रमिकों को रोजगार प्रदान किया। इस अवधि में 3.22 करोड़ मानव-दिवस (person-days) का कार्य सृजित किया गया और ₹1,804 करोड़ खर्च किए गए।

केंद्र द्वारा जारी किए गए फंड में गिरावट का पैटर्न चिंताजनक है। टैगोर ने उल्लेख किया कि केंद्र द्वारा जारी राशि 2023-24 में ₹13,395 करोड़ थी, जो 2024-25 में घटकर ₹10,744 करोड़ (19.79% की कमी) रह गई। इसके बाद, 2025-26 में यह और गिरकर मात्र ₹6,254 करोड़ रह गई, जो 2023-24 के मुकाबले 53.31% की भारी गिरावट है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि केंद्र और राज्य के बीच वित्तीय खींचतान न केवल राजनीतिक है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जमीनी स्तर पर रोजगार की उपलब्धता पर पड़ता है। फंड में इस तरह की कमी से राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है, जिससे कल्याणकारी योजनाओं का कार्यान्वयन प्रभावित हो सकता है।

केंद्र की यह वित्तीय कटौती ग्रामीण विकास की गति को बाधित कर रही है और राज्य के सामाजिक सुरक्षा ढांचे को कमजोर कर रही है।

माणिकम टैगोर ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर तत्काल लंबित राशि जारी करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम ग्रामीण विकास में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions

1. मनरेगा (MGNREGS) क्या है?
यह भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जो ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों के गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करती है।

2. टैगोर ने किस मंत्रालय को पत्र लिखा है?
उन्होंने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर फंड जारी करने का आग्रह किया है।

Did You Know?: मनरेगा योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संकट के समय सामाजिक सुरक्षा जाल प्रदान करना है।