तमिलनाडु सरकार ने 'वेट्री तमिलनाडु सुपर ऐप' लॉन्च करने की घोषणा की, जिससे नागरिक मोबाइल के ज़रिए 500 सरकारी सेवाओं जैसे जन्म प्रमाणपत्र, राशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण तक पहुँच सकेंगे। ऐप के साथ एक फीडबैक पोर्टल और AI advisory council भी स्थापित किया जाएगा।

  • वेट्री तमिलनाडु सुपर ऐप लॉन्च
  • 500 सरकारी सेवाओं तक मोबाइल पहुँच
  • AI advisory council तथा सांस्कृतिक डिजिटल रिपॉजिटरी

ऐप का परिचय

तमिलनाडु के सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल सेवाओं के मंत्री आर. कुमार ने मंगलवार को बताया कि "वेट्री तमिलनाडु सुपर ऐप" जल्द ही जनता के लिये उपलब्ध होगा। इस ऐप के माध्यम से नागरिक जन्म प्रमाणपत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण जैसी 500 सरकारी सेवाओं को सीधे अपने स्मार्टफ़ोन से एक्सेस कर सकेंगे।

आर्थिक पहलू और कार्यान्वयन लागत

ऐप के विकास एवं संचालन के लिये अनुमानित बजट लगभग ₹5 करोड़ रखा गया है। राज्य सरकार ने इस पहल को तेज़ी से लागू करने के लिये विशेष तकनीकी टीम गठित की है, जो यूज़र‑फ्रेंडली इंटरफ़ेस और सुरक्षित डेटा ट्रांसफ़र सुनिश्चित करेगी।

जन सहभागिता के लिये नया पोर्टल

नागरिकों की राय और सुझाव एकत्र करने हेतु "वेट्री तमिलनाडु वेब पोर्टल" भी बनाया जाएगा। इस पोर्टल पर लोग सरकारी योजनाओं पर अपने विचार व्यक्त कर सकेंगे और सार्वजनिक सेवाओं पर फीडबैक दे सकेंगे।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सलाहकार परिषद

तमिलनाडु AI मिशन के लक्ष्यों को साकार करने के लिये एक AI Advisory Council स्थापित किया जाएगा। इस परिषद में शैक्षणिक और उद्योग के प्रमुख विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, जो मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा आदि क्षेत्रों में सलाह देंगे।

सांस्कृतिक डिजिटल रिपॉजिटरी – द्वितीय चरण

सरकार ने "तमिलनाडु सांस्कृतिक डिजिटल रिपॉजिटरी" के द्वितीय चरण को भी मंजूरी दी है। इस पहल के तहत रामनाथपुरम, थुड़ुकुड़ी, तिरुनेलवेली, टेंकासी, कन्नियाकुमारी और पुडुकोट्टई जैसे 500 सांस्कृतिक स्थलों और कार्यक्रमों को डिजिटल रूप में संग्रहित किया जाएगा, जिसकी लागत ₹60 लाख अनुमानित है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that digitising such a large volume of public services not only reduces foot‑traffic at government offices but also sets a benchmark for other Indian states aiming for a fully integrated e‑governance ecosystem.

"डिजिटल सेवाओं का यह विस्तार सामाजिक समावेश को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास में नई गति प्रदान करेगा," कहा डिजिटल नीति विशेषज्ञ डॉ. अनीता राव ने।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तमिलनाडु ने 2000 के दशक के शुरुआती दौर से ही ई‑गवर्नेंस में अग्रणी भूमिका निभाई है। 2015 में लॉन्च किया गया "सम्पूर्ण तमिलनाडु" पोर्टल ने पहले बार कई सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया था, लेकिन अभी तक मोबाइल‑फ़र्स्ट समाधान नहीं था। इस नई ऐप से राज्य की डिजिटल यात्रा को मोबाइल‑प्रथम दिशा मिलेगी।

Did You Know?: तमिलनाडु में 2020 में पहला डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया गया था, जिससे इस राज्य की डिजिटल पहलों को एक नई दिशा मिली।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इस ऐप को उपयोग करने के लिये कोई विशेष पहचान प्रमाण चाहिए?

उत्तर: उपयोगकर्ता को अपना आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस जैसी वैध पहचान दस्तावेज़ अपलोड करना होगा, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

प्रश्न 2: क्या सभी 500 सेवाएँ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध होंगी?

उत्तर: हाँ, ऐप एकीकृत डैशबोर्ड प्रदान करेगा, जिसमें विभिन्न विभागों की सेवाएँ एक ही इंटरफ़ेस में दिखाई देंगी।