भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी पर महिला विरोधी मानसिकता और पाखंड का आरोप लगाया है। उन्होंने कांग्रेस के हालिया बयानों और उनके राजनीतिक एजेंडे पर सवाल खड़े किए हैं।
- भाजपा ने राहुल गांधी पर 'महिला विरोधी' होने का आरोप लगाया।
- बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस के 'पितृसत्ता तोड़ो' नारे को पाखंड बताया।
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने को लेकर कांग्रेस को घेरा गया।
- शाह बानो मामले और ट्रिपल तलाक पर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए गए।
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर दोहरा मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के नेता एक तरफ महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन दूसरी ओर उनके व्यवहार और बयानबाजी में महिला विरोधी मानसिकता झलकती है।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी पर 'महिला विरोधी' (misogyny) होने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी के बयान और हरकतें महिलाओं के प्रति सम्मान की कमी दर्शाती हैं। स्वराज ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का 'पितृसत्ता तोड़ो' (smash the patriarchy) का नारा केवल ध्यान भटकाने की एक कोशिश है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल व्यक्तिगत हमलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत में महिला सशक्तिकरण के राजनीतिक विमर्श को भी प्रभावित कर रहा है। भाजपा ने इस मुद्दे को कांग्रेस के वैचारिक विरोधाभासों से जोड़ने का प्रयास किया है।
बांसुरी स्वराज ने कहा, "दस दिन पहले, श्री गांधी ने स्वयं संदीप दीक्षित के साथ मिलकर एक महिला प्रधानमंत्री, जो कि हमारे मित्र देश इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी हैं, को निशाना बनाते हुए एक बेहद सस्ता मजाक किया। यह ऐसा था जैसे आप किसी स्थानीय कमरे में लड़कों की बातें सुन रहे हों।"
राजनीतिक गलियारों में यह बहस तेज हो गई है कि क्या 'पितृसत्ता' के खिलाफ लड़ाई केवल एक चुनावी नारा बनकर रह गई है या इसके पीछे कोई ठोस विजन है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस के इतिहास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने शाह बानो मामले का जिक्र करते हुए पूछा कि कांग्रेस का 'पितृसत्ता विरोधी' रुख केवल एक विशेष समुदाय तक ही क्यों सीमित रहता है? उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यदि कांग्रेस वास्तव में महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध होती, तो वह नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध नहीं करती।
इसके अतिरिक्त, स्वराज ने कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकारों में महिला मंत्रियों की कमी का मुद्दा उठाते हुए पार्टी के दावों की पोल खोलने की कोशिश की। उन्होंने कांग्रेस द्वारा ट्रिपल तलाक कानून का विरोध करने की भी आलोचना की और भाजपा सरकार की महिला-केंद्रित नीतियों की सराहना की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. भाजपा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया है?
भाजपा ने राहुल गांधी पर महिला विरोधी मानसिकता अपनाने और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर पाखंड करने का आरोप लगाया है।
2. बांसुरी स्वराज ने किस अंतरराष्ट्रीय नेता का जिक्र किया?
उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का जिक्र किया, जिनके खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की गई थी।