कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बढ़ती खाद्य मुद्रास्फीति के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा के वादे केवल खोखले निकले। उन्होंने रसोई की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि का डेटा पेश किया।
- मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा के 'अच्छे दिन' के वादे पर तीखा हमला बोला।
- खाद्य मुद्रास्फीति और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल का दावा किया गया।
- 2013 की तुलना में 2026 में टमाटर और दालों की कीमतों में 100% से अधिक की वृद्धि देखी गई।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर खाद्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा वादा किए गए 'अच्छे दिन' वास्तव में आम आदमी के रसोई बजट के लिए आपदा साबित हुए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से, खड़गे ने सरकार पर जवाबदेही से बचने के लिए 'भटकाने वाले स्टंट' और 'निरर्थक बातें' करने का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से त्योहारों के मौसम में रसोई की स्थिति पर चिंता व्यक्त की, जहाँ प्याज, चीनी और तेल जैसी बुनियादी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं।
महंगाई का भयावह आंकड़ा
खड़गे ने सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले एक वर्ष में प्याज की कीमतों में 59% तक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि 12 वर्षों के भाजपा शासन के बाद भी, दाल, सब्जी, तेल और चीनी जैसी चीजें लगातार मध्यम वर्ग और गरीबों के बजट पर दबाव डाल रही हैं।
कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत तुलनात्मक विश्लेषण के अनुसार, मई 2013 और अगस्त 2026 के बीच कीमतों में जबरदस्त अंतर आया है। टमाटर की कीमत ₹17.50 प्रति किलो से बढ़कर ₹120 प्रति किलो हो गई है, जो कि 585.71% की भारी वृद्धि है। इसी तरह, आटा ₹21 से बढ़कर ₹69 प्रति किलो हो गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि खाद्य मुद्रास्फीति केवल एक आर्थिक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर देश की राजनीतिक स्थिरता और चुनावी परिणामों को प्रभावित करती है। जब बुनियादी जरूरतों की कीमतें बढ़ती हैं, तो मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति कम हो जाती है, जिससे सामाजिक असंतोष पैदा होता है।
'महंगाई का यह स्तर केवल आर्थिक असफलता नहीं, बल्कि आम आदमी के विश्वास के साथ किया गया विश्वासघात है।'
| वस्तु (Item) | मई 2013 की कीमत | अगस्त 2026 की कीमत | वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|
| टमाटर | ₹17.50 | ₹120 | 585.71% |
| आटा | ₹21 | ₹69 | 228.57% |
| प्याज | ₹23 | ₹73 | 217.39% |
| दाल (तुअर) | ₹75 | ₹180 | 140% |
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत में खाद्य मुद्रास्फीति का मुद्दा दशकों से राजनीतिक चर्चा का केंद्र रहा है। मानसून की अनिश्चितता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान अक्सर कीमतों को प्रभावित करते हैं, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि वर्तमान सरकार की नीतियों ने इस समस्या को और अधिक गंभीर बना दिया है।
Frequently Asked Questions
1. खड़गे ने किन वस्तुओं की कीमतों पर सवाल उठाए हैं?
खड़गे ने टमाटर, प्याज, आटा, दाल, चीनी, तेल और दूध जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि पर सवाल उठाए हैं।
2. कांग्रेस का मुख्य आरोप क्या है?
कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार बढ़ती महंगाई को रोकने में पूरी तरह विफल रही है और जनता इस विफलता को आगामी चुनावों में याद रखेगी।