कांग्रेस और सीपीआई ने पुडुचेरी की एआईएनआरसी-बीजेपी सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को 'निराशाजनक' और 'विज़नहीन' बताते हुए कड़ी आलोचना की है। विपक्ष ने बेरोजगारी, बुनियादी ढांचे और स्थानीय निकाय चुनावों पर चुप्पी को लेकर सरकार को घेरा है।

  • विपक्ष ने बजट को 'विज़नहीन' और 'निराशाजनक' करार दिया है।
  • बेरोजगारी, बुनियादी ढांचे और हवाई अड्डे के विस्तार पर स्पष्ट योजना का अभाव।
  • स्थानीय निकाय चुनावों को टालने पर सरकार की आलोचना।
  • बजट का बड़ा हिस्सा वेतन, पेंशन और ऋण चुकाने में खर्च होने का दावा।

पुडुचेरी की एआईएनआरसी-बीजेपी (AINRC-BJP) सरकार द्वारा प्रस्तुत 2026-27 के बजट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने सरकार के इस वित्तीय रोडमैप को 'दम तोड़ता' और 'बिना किसी दूरदर्शिता' वाला बताते हुए तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री एन. रंगस्वामी द्वारा पेश किया गया बजट आम जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रहा है।

पुडुचेरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के प्रमुख और सांसद वी. वैथिलींगम ने बजट को अत्यंत 'निराशाजनक' बताया। उन्होंने कहा कि बजट में पुडुचेरी की बढ़ती बेरोजगारी और बुनियादी ढांचे की जरूरतों को हल करने के लिए किसी ठोस योजना का अभाव है। वैथिलींगम ने विशेष रूप से ग्रेड सेपरेटर के काम में देरी और पुडुचेरी हवाई अड्डे के विस्तार के लिए किसी स्पष्ट समयसीमा का न होने पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पुडुचेरी में राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक सुस्ती का सीधा असर विकास परियोजनाओं पर पड़ रहा है। जब बजट का एक बड़ा हिस्सा केवल प्रशासनिक खर्चों (वेतन और ऋण) में चला जाता है, तो विकास कार्यों के लिए पूंजी की कमी हो जाती है, जो अंततः जनता के जीवन स्तर को प्रभावित करती है।

विपक्ष का आरोप है कि सरकार केवल पिछले खर्चों को पूरा करने में व्यस्त है, भविष्य के निर्माण में नहीं।

दूसरी ओर, सीपीआई (CPI) सचिव ए. एम. सलीम ने बजट में किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए किसी भी महत्वपूर्ण पहल की कमी की ओर इशारा किया। उन्होंने बताया कि करयमपुथुर, एम्बालेम और करिकालमपक्कम जैसे दलित बहुल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, पेयजल और जल निकासी का अभी भी अभाव है।

बजट के आंकड़ों पर चर्चा करते हुए, सलीम ने कहा कि ₹14,300 करोड़ के कुल बजटीय परिव्यय का अधिकांश हिस्सा वेतन, पेंशन और ऋणों के पुनर्भुगतान की ओर निर्देशित है। उन्होंने चेतावनी दी कि बढ़ते ट्रैफिक जाम और शहरी बुनियादी ढांचे की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है।

एक और महत्वपूर्ण मुद्दा स्थानीय निकाय चुनावों का रहा। कांग्रेस ने याद दिलाया कि 2021 के चुनाव अभियान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थानीय निकाय चुनाव कराने का वादा किया था, लेकिन एआईएनआरसी-बीजेपी सरकार ने इस दिशा में अब तक कोई कदम नहीं उठाया है।

Did You Know?: पुडुचेरी एक केंद्र शासित प्रदेश है जहाँ स्थानीय शासन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन चुनावों में देरी से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होती है।

Frequently Asked Questions

1. विपक्ष ने बजट के बारे में मुख्य आपत्ति क्या जताई है?
विपक्ष का कहना है कि बजट में बेरोजगारी, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।

2. बजट का सबसे बड़ा हिस्सा कहाँ खर्च हो रहा है?
रिपोर्ट के अनुसार, ₹14,300 करोड़ के बजट का अधिकांश हिस्सा वेतन, पेंशन और ऋण चुकाने में जा रहा है।