मुंबई में खाद्य सुरक्षा को लेकर बीएमसी और एफडीए ने कड़ा रुख अपनाया है, जिसके तहत पिछले एक साल में 48,166 किलोग्राम मांस जब्त कर नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई में अवैध वध और अस्वास्थ्यकर हैंडलिंग पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया है।

  • बीएमसी ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 48,166 किलोग्राम मांस जब्त किया।
  • कुल जब्त मांस में 90% से अधिक गोवंश (bovine) का मांस था।
  • अवैध वध और अस्वास्थ्यकर भंडारण के मामले में 524 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
  • बीएमसी ने जब्त किए गए पशुओं की नीलामी से 51.51 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया।

मुंबई में खाद्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और महाराष्ट्र खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक व्यापक अभियान चलाया है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 की अवधि के दौरान, बीएमसी की सतर्कता टीमों ने शहर भर से कुल 48,166 किलोग्राम मांस जब्त कर नष्ट कर दिया। इस भारी मात्रा में जब्त किए गए मांस में लगभग 90 प्रतिशत गोवंश का मांस शामिल था, जो महाराष्ट्र में कानूनी प्रतिबंधों के दायरे में आता है।

जब्ती के आंकड़ों का विवरण देखें तो इसमें 43,498 किलोग्राम गोवंश मांस, 4,081 किलोग्राम मछली, 41 किलोग्राम चिकन, 33 किलोग्राम बकरी का मांस और 3 किलोग्राम पोर्क शामिल है। इसके अलावा, चमड़े के उत्पादों के लिए उपयोग की जाने वाली 510 किलोग्राम पशु की खाल भी जब्त की गई। बीएमसी ने न केवल मांस बल्कि 59,965 जीवित पशुओं को भी जब्त किया, जिनमें मुख्य रूप से 59,062 मुर्गियां और 903 बकरियां और भेड़ शामिल थीं, जिन्हें अनधिकृत स्थानों पर अवैध रूप से बेचने की कोशिश की जा रही थी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मुंबई जैसे घनी आबादी वाले महानगर में खाद्य सुरक्षा का मुद्दा सीधे सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा है। अनधिकृत स्थानों पर मांस का वध और परिवहन न केवल कानूनी रूप से प्रतिबंधित है, बल्कि यह गंभीर बीमारियों और स्वच्छता संबंधी खतरों को भी जन्म देता है। लाइसेंस प्राप्त दुकानों और देवनार बूचड़खाने (Deonar Abattoir) के बाहर मांस की बिक्री पर नियंत्रण रखना उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने हेतु अनिवार्य है।

अनधिकृत स्रोतों से आने वाला मांस स्वास्थ्य और स्वच्छता की दृष्टि से अत्यंत जोखिम भरा होता है, जिसे सुरक्षित करने के लिए रासायनिक उपचार के बाद नष्ट करना ही एकमात्र विकल्प है।

बीएमसी के मार्केट विभाग की तीन विशेष सतर्कता टीमें द्वीप शहर, पूर्वी उपनगरों और पश्चिमी उपनगरों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। ये टीमें शिकायतों के आधार पर और स्वतः संज्ञान लेकर निरीक्षण करती हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मांस की जब्ती केवल अवैध वध के कारण ही नहीं, बल्कि स्वच्छता मानकों के उल्लंघन, जैसे दूषित पानी का उपयोग और अस्वास्थ्यकर भंडारण के कारण भी की जाती है।

कानूनी कार्रवाई के मामले में, बीएमसी ने मुंबई पुलिस के साथ मिलकर काम किया है। पिछले एक वर्ष में आपराधिक धाराओं के तहत कम से कम 524 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कुल 13.08 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में मांस की जब्ती में मामूली गिरावट देखी गई है; अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच यह आंकड़ा 50,000 किलोग्राम से अधिक था।

Did You Know?: मुंबई में भैंस का वध केवल देवनार बूचड़खाने (Deonar Abattoir) में ही करने की अनुमति है, जो एशिया के सबसे बड़े बूचड़खानों में से एक है।

Frequently Asked Questions

1. बीएमसी मांस की जब्ती के बाद उसका क्या करती है?
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, अस्वास्थ्यकर मांस को रसायनों के माध्यम से 'डीनेचर' (unfit for consumption) किया जाता है और फिर उसे जमीन में दबा दिया जाता है।

2. महाराष्ट्र में किस प्रकार के मांस के वध पर प्रतिबंध है?
महाराष्ट्र पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम के तहत गाय, बैल और बछड़ों के वध पर पूरे राज्य में प्रतिबंध है।