कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से बचने के लिए पुलिस का इस्तेमाल हथियार के रूप में कर रही है।
- बिहार में शिक्षक भर्ती और सरकारी नौकरियों में अनियमितताओं को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।
- राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार जवाब देने के बजाय लाठीचार्ज और पानी की बौछारों का सहारा ले रही है।
- प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें TRE-4 परीक्षा, नेगेटिव मार्किंग हटाना और 100% स्थानीय निवासी भर्ती हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को बिहार में जारी छात्र आंदोलनों पर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को आड़े हाथों लिया। गांधी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जवाबदेही से बचने के लिए पुलिस को एक 'हथियार' के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
बिहार के गर्दनीबाग में छात्र और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार भर्ती परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की कमी को लेकर सड़कों पर हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि चौथी शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) आयोजित की जाए, जिसमें सिंगल-स्टेज पीटी-मेंस परीक्षा हो, नेगेटिव मार्किंग को हटाया जाए और 100% डोमिसाइल-आधारित भर्ती सुनिश्चित की जाए।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बिहार में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन गई है। पेपर लीक के आरोप और परीक्षा पैटर्न में बदलाव ने राज्य के युवाओं के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। जब छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखते हैं, तो पुलिस बल का प्रयोग शासन की विफलता को दर्शाता है।
आप डर पैदा करके किसी का भविष्य नहीं छीन सकते। बिहार के छात्र सवाल पूछते रहेंगे और अब वे केवल जवाब नहीं, बल्कि जवाबदेही मांग रहे हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि बिहार में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं क्यों हैं और पेपर लीक के आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने सीवान में प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से फायरिंग की घटना का भी उल्लेख किया, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
पटना में तनाव तब और बढ़ गया जब सैकड़ों प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास की ओर बढ़े, जिससे सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बिहार में बीपीएससी (BPSC) और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद नया नहीं है। पिछले कई वर्षों से छात्र परीक्षा में देरी, पारदर्शिता की कमी और पेपर लीक जैसी घटनाओं के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. बिहार में छात्र मुख्य रूप से क्या मांग कर रहे हैं?
छात्र TRE-4 परीक्षा, नेगेटिव मार्किंग की समाप्ति और केवल स्थानीय निवासियों के लिए नौकरियों की मांग कर रहे हैं।
2. राहुल गांधी का मुख्य आरोप क्या है?
राहुल गांधी का कहना है कि भाजपा सरकार भर्ती संबंधी सवालों का जवाब देने के बजाय पुलिस के माध्यम से छात्रों को दबाने की कोशिश कर रही है।