टीडीपी नेता विजय ने दावा किया है कि पिछड़ा वर्ग (BC) के साथ पार्टी का रिश्ता ऐतिहासिक रूप से मजबूत हुआ है, जबकि YSRCP पर आरक्षण में कटौती करने का आरोप लगाया है।

  • एनटीआर द्वारा 1987 में 34% आरक्षण की नींव रखी गई थी।
  • YSRCP पर स्थानीय निकायों में BC कोटा 34% से घटाकर 23.14% करने का आरोप।
  • विजय ने YSRCP पर शराब घोटाले और ED जांच से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

मंगलगिरि स्थित टीडीपी केंद्रीय कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए, राज्यसभा सदस्य चिंतकायाला विजय ने कहा कि तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और पिछड़ा वर्ग (BC) के बीच का बंधन पहले से कहीं अधिक मजबूत है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि इस मजबूत रिश्ते की नींव 1987 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन.टी. रामा राव द्वारा स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्गों के लिए 34% आरक्षण प्रदान करने के साथ रखी गई थी।

विजय ने आरोप लगाया कि YSRCP ने पिछड़ा वर्गों के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने दावा किया कि YSRCP सरकार ने स्थानीय निकायों में BC कोटा को 34% से घटाकर मात्र 23.14% कर दिया, जिससे समुदायों के लगभग 16,800 पद छिन गए। उन्होंने इसे YSRCP के 'खोखले दावों' का प्रमाण बताया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आंध्र प्रदेश की राजनीति में पिछड़ा वर्ग (BC) एक निर्णायक वोट बैंक है। आरक्षण के प्रतिशत में बदलाव न केवल सामाजिक न्याय को प्रभावित करता है, बल्कि आगामी चुनावों में राजनीतिक समीकरणों को भी पूरी तरह बदल सकता है।

विजय ने आगे कहा कि उनका स्वयं का राज्यसभा सदस्य के रूप में चयन मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और मंत्री नारा लोकेश की साधारण BC कार्यकर्ताओं के उत्थान के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने YSRCP और कांग्रेस दोनों पर BC समुदायों को केवल एक 'वोट बैंक' के रूप में उपयोग करने की आलोचना की।

YSRCP पिछड़ा वर्ग कार्ड का उपयोग केवल अपने शराब घोटाले और ED जांच से ध्यान भटकाने के लिए कर रही है।

टीडीपी नेता ने यह भी आरोप लगाया कि YSRCP सरकार ने 50 से अधिक BC कॉरपोरेशनों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान नहीं कीं और उनके उप-योजना कोष (Sub-Plan funds) का भी दुरुपयोग किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि YSRCP ने अपना व्यवहार नहीं बदला, तो 2029 के चुनावों में उन्हें गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

आंध्र प्रदेश में पिछड़ा वर्ग आरक्षण का मुद्दा दशकों से राजनीतिक चर्चा का केंद्र रहा है। 1980 के दशक में एनटीआर के नेतृत्व में सामाजिक न्याय के माध्यम से TDP ने अपनी पकड़ मजबूत की थी, जिसे वर्तमान सरकार आगे बढ़ाने का दावा कर रही है।

Did You Know?: आंध्र प्रदेश में पिछड़ा वर्ग (BC) समुदायों का प्रतिनिधित्व राज्य की राजनीति और नीति निर्धारण में अत्यंत प्रभावशाली भूमिका निभाता है।

Frequently Asked Questions

1. विजय के अनुसार YSRCP ने BC कोटा में क्या बदलाव किया?
विजय का दावा है कि YSRCP ने स्थानीय निकायों में कोटा 34% से घटाकर 23.14% कर दिया।

2. TDP ने BC कल्याण के लिए क्या किया है?
TDP ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से BC समुदायों के उत्थान का दावा किया है।