YSRCP अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में सूखे जैसी स्थिति पर मौजूदा सरकार की भारी विफलता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्षा में 52% की कमी आई है और सरकार ने कृषि संकट से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।

  • आंध्र प्रदेश में वर्षा में 52% की भारी कमी दर्ज की गई है।
  • YSRCP ने सरकार पर सूखा प्रबंधन और संकट प्रबंधन में विफल रहने का आरोप लगाया है।
  • जगन ने पिछड़ा वर्ग (BC) आरक्षण के मुद्दे पर सरकार पर 'राजनीतिक नाटक' करने का दावा किया।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि TDP के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने राज्य में बिगड़ते सूखे जैसे हालातों पर प्रतिक्रिया देने में पूरी तरह से विफलता दिखाई है।

आंकड़ों का हवाला देते हुए जगन ने बताया कि राज्य में वर्षा में 52% की कमी आई है। तटीय आंध्र में 47% और रायलसीमा में 52% की कमी दर्ज की गई है। जून से 23 अगस्त के बीच सामान्य वर्षा 384 मिमी होनी चाहिए थी, लेकिन राज्य में केवल 189.62 मिमी वर्षा ही हुई है। उन्होंने कहा कि 688 मंडलों में से 625 मंडलों में वर्षा की भारी कमी देखी गई है, जिससे खरीफ की खेती सामान्य से 20% कम हो गई है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले राज्य में वर्षा की इतनी बड़ी कमी न केवल किसानों की आजीविका को खतरे में डालती है, बल्कि राज्य की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी गहरा संकट पैदा करती है। सरकार द्वारा समय पर संकट प्रबंधन न करना बड़े सामाजिक असंतोष का कारण बन सकता है।

सरकार को सूखा निगरानी तंत्र और जिला स्तरीय आकस्मिक योजनाएं तुरंत सक्रिय करनी चाहिए थीं।

जगन ने आगे कहा कि किसानों ने सिंचाई के आश्वासन पर बीज, उर्वरक और नर्सरी में निवेश किया था, लेकिन पानी की कमी के कारण फसलें सूख गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने रायलसीमा परियोजनाओं और कृष्णा डेल्टा प्रणालियों के तहत किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में विफलता दिखाई है। उन्होंने मांग की कि सरकार सूखा प्रतिरोधी बीजों का वितरण करे और कृषि श्रमिकों के लिए अतिरिक्त रोजगार सुनिश्चित करे।

BC आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए, जगन ने कहा कि सरकार पिछड़ा वर्ग के अधिकारों पर 'राजनीतिक नाटक' कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने स्थानीय निकायों में BCs के लिए 34% आरक्षण प्रदान किया था। उन्होंने दावा किया कि YSRCP सरकार ने 139 BC समुदायों के लिए 56 निगम बनाए थे और उनके सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया है।

Did You Know?: आंध्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है, जो मानसून की अनिश्चितता के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।

Frequently Asked Questions

1. आंध्र प्रदेश में वर्षा की कमी कितनी है?
राज्य में कुल मिलाकर 52% की वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जिसमें रायलसीमा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है।

2. जगन मोहन रेड्डी ने सरकार से क्या मांग की है?
उन्होंने सूखा निगरानी सेल की स्थापना, सूखा-प्रतिरोधी बीजों का वितरण और कृषि श्रमिकों के लिए रोजगार की मांग की है।