पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। मान ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने पंजाब को लूटने और नशे के जाल में फंसाने का काम किया है।

  • मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाली दल और भाजपा के संभावित गठबंधन पर कड़ा प्रहार किया।
  • मान ने आरोप लगाया कि अकाली नेतृत्व सत्ता में वापसी के लिए भाजपा के सामने 'घुटने टेक रहा' है।
  • आम आदमी पार्टी सरकार ने मेरिट के आधार पर 70,000 सरकारी नौकरियां देने का दावा किया।
  • कांग्रेस को 'राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक' और 'मरणासन्न' बताया गया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को अमृतसर के चविंडा देवी में एक 'लोक मिलनी' सभा को संबोधित करते हुए शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर तीखा हमला बोला। मान ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले, अकाली नेतृत्व भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए 'घुटनों पर' है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गठबंधन राज्य को फिर से लूटने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की जनता भाजपा-अकाली गठबंधन को कभी माफ नहीं करेगी, क्योंकि उन्होंने राज्य को नशे के दलदल में धकेला है। उन्होंने पिछली सरकारों की तुलना में अपनी सरकार के कामकाज का हवाला देते हुए कहा कि अब राजनीति 'एफआईआर, गुंडागर्दी और डर' की नहीं, बल्कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि पंजाब में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। अकाली दल और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन न केवल क्षेत्रीय राजनीति को प्रभावित करेगा, बल्कि यह राज्य के धार्मिक और सांप्रदायिक ताने-बाने पर भी गहरा असर डाल सकता है।

अकाली दल का भाजपा के साथ संभावित गठबंधन उनके पारंपरिक 'पंथिक' आधार को खतरे में डाल सकता है।

भगवंत मान ने अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बादल पंजाब की वास्तविकताओं से पूरी तरह कटे हुए हैं। मान ने आरोप लगाया कि बादल एक विलासी वातावरण में पले-बढ़े हैं और उन्हें पंजाब की बुनियादी भौगोलिक स्थिति और किसानों की समस्याओं तक का ज्ञान नहीं है।

अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के, पूरी तरह से मेरिट के आधार पर 70,000 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने सरकारी स्कूलों के कायाकल्प का भी जिक्र किया, जिससे छात्र अब JEE और NEET जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए तैयार हो रहे हैं।

Did You Know?: पंजाब में राजनीतिक बदलाव अक्सर कृषि संकट और नशे के मुद्दे के इर्द-गिर्द घूमते हैं, जो चुनावों के मुख्य केंद्र होते हैं।

Frequently Asked Questions

1. भगवंत मान ने अकाली दल पर क्या आरोप लगाया?
मान ने आरोप लगाया कि अकाली दल सत्ता में वापसी के लिए भाजपा के सामने गिड़गिड़ा रहा है और उनका उद्देश्य राज्य को फिर से लूटना है।

2. मान ने कांग्रेस के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को 'मरणासन्न' बताया और कहा कि पार्टी आंतरिक कलह के कारण जल्द ही राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक हो जाएगी।