ग्रेटर विशाखापट्टनम नगर निगम (GVMC) के विस्तार की योजना ने गति पकड़ ली है, जिसमें भोगपुरम मंडल और कई ग्रामीण पंचायतों को शामिल करने का प्रस्ताव है। ग्रामीणों ने रोजगार और टैक्स को लेकर गहरी चिंता जताई है।
- GVMC के विस्तार के तहत 79 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव है।
- भोगपुरम मंडल और एएसआर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी निगम के दायरे में लाने पर चर्चा हो रही है।
- ग्रामीणों को VB-G RAM G योजना के तहत रोजगार खोने और नए करों का डर है।
ग्रेटर विशाखापट्टनम नगर निगम (GVMC) के दायरे को बढ़ाने की योजना अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। प्रशासन ने बीमूनिपट्टनम और पेंडुर्थी विधानसभा क्षेत्रों की कई ग्राम पंचायतों को निगम में शामिल करने के प्रस्ताव पर काम तेज कर दिया है। इस विस्तार का उद्देश्य शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है, लेकिन यह स्थानीय निवासियों के बीच विवाद का विषय बन गया है।
प्रस्तावित विस्तार के तहत बीमूनिपट्टनम, आनंदपुरम और पद्मनाभम मंडलों के लगभग 79 गांवों को शामिल किया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भोगपुरम मंडल, जहां नया एएसआर इंटरनेशनल एयरपोर्ट स्थित है, को भी GVMC के प्रशासनिक दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यह निगम के प्रशासनिक प्रभाव को विशाखापट्टनम जिले से बाहर ले जाएगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह विस्तार केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का निगम के नियंत्रण में आना राजस्व और शहरी नियोजन के नए द्वार खोल सकता है, लेकिन यह ग्रामीण और शहरी प्रशासन के बीच एक जटिल संतुलन की मांग करता है।
ग्रामीण क्षेत्रों का शहरीकरण अक्सर विकास और विस्थापन के बीच एक महीन रेखा पर चलता है।
ग्राम सभाओं के दौरान स्थानीय निवासियों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। ग्रामीणों का मुख्य डर VB-G RAM G जैसी रोजगार गारंटी योजनाओं के समाप्त होने को लेकर है। उनका तर्क है कि पंचायत प्रणाली के तहत मिलने वाला रोजगार निगम के तहत आने पर छिन सकता है। इसके अतिरिक्त, निवासियों ने नगर निगम के नए करों (Taxes) के बोझ से बचने के लिए 5 से 10 वर्षों की कर छूट की मांग की है।
बीमूनिपट्टनम के विधायक गंटा श्रीनिवास राव ने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने विधायकों को निर्देश दिया है कि विलय से पहले संबंधित गांवों के निवासियों से औपचारिक प्रस्ताव (Resolutions) प्राप्त किए जाएं। वर्तमान में, राजस्व और पंचायत अधिकारी जनमत संग्रह के लिए डेटा और फीडबैक एकत्र कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions
1. किन क्षेत्रों को GVMC में शामिल करने का प्रस्ताव है?
बीमूनिपट्टनम, आनंदपुरम, पद्मनाभम और पेंडुर्थी मंडलों के लगभग 79 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव है।
2. ग्रामीणों की मुख्य चिंता क्या है?
ग्रामीणों को डर है कि निगम में शामिल होने से उन्हें रोजगार गारंटी योजना का लाभ नहीं मिलेगा और उन पर भारी टैक्स लगाया जाएगा।