इंडिया टुडे और सी-वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। सर्वे के अनुसार, युवाओं के बीच CJP की लोकप्रियता और चुनावी संभावनाओं को लेकर मिली-जुली राय है।

  • 33% लोग CJP को वोट देने के पक्ष में हैं, जबकि 43% ने इनकार किया।
  • 39% जनता चाहती है कि CJP केवल एक 'प्रेशर ग्रुप' के रूप में ही काम करे।
  • Gen-Z के लिए बेरोजगारी (53%) सबसे बड़ा मुद्दा है, न कि शिक्षा या महंगाई।
  • 63% युवाओं का मानना है कि रोजगार के लिए सरकारें मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।

नई दिल्ली में आयोजित इंडिया टुडे और सी-वोटर के नवीनतम 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) सर्वे ने देश के युवाओं, विशेषकर Gen-Z के राजनीतिक रुझानों पर महत्वपूर्ण रोशनी डाली है। इस व्यापक सर्वे का केंद्र बिंदु छात्र संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) रहा, जिसने हाल ही में NEET परीक्षा और अन्य छात्र आंदोलनों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं।

सर्वे के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि CJP को लेकर जनता के बीच एक गहरा विभाजन है। जब यह सवाल पूछा गया कि क्या CJP को चुनावी राजनीति में उतरना चाहिए, तो 39 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इसे केवल एक 'प्रेशर ग्रुप' के रूप में सीमित रखने की वकालत की। इसके विपरीत, केवल 26 प्रतिशत लोग ही इसे चुनाव लड़ते हुए देखना चाहते हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the rise of identity-based or issue-based student organizations like CJP signals a shift in how Gen-Z engages with traditional politics. While they may not yet trust these groups with legislative power, their ability to mobilize mass protests—as seen during the recent movements that led to ministerial resignations—makes them a formidable force in the political ecosystem.

CJP का उदय पारंपरिक राजनीतिक दलों के लिए एक चेतावनी है कि अब मुद्दे केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सड़कों पर उतरकर जवाब मांगे जाएंगे।

सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह था कि यदि CJP चुनाव लड़ती है, तो क्या लोग उन्हें वोट देंगे? यहाँ परिणाम काफी दिलचस्प हैं: 33 प्रतिशत लोगों ने 'हाँ' कहा, जबकि 43 प्रतिशत ने स्पष्ट रूप से 'ना' कहा। यह स्पष्ट करता है कि हालांकि CJP की चर्चा व्यापक है, लेकिन एक स्थायी राजनीतिक शक्ति बनने के लिए उन्हें अभी बहुत बड़ी बाधाओं का सामना करना होगा।

Gen-Z की प्राथमिकताएं: नौकरी बनाम शिक्षा

सर्वे में केवल राजनीतिक दलों पर ही नहीं, बल्कि युवाओं की बुनियादी समस्याओं पर भी बात की गई। Gen-Z के लिए बेरोजगारी (53%) सबसे गंभीर संकट बनकर उभरी है। इसके बाद शिक्षा (22%) और महंगाई (12%) का स्थान आता है। दिलचस्प बात यह है कि मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को केवल 4 प्रतिशत युवाओं ने प्राथमिकता दी।

मुद्दाप्रतिशत (%)
बेरोजगारी53%
शिक्षा22%
महंगाई12%
मानसिक स्वास्थ्य4%

जब युवाओं से पूछा गया कि उन्हें रोजगार योग्य बनाने की जिम्मेदारी किसकी है, तो 63 प्रतिशत ने केंद्र और राज्य सरकारों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि युवा अब अपनी आर्थिक सुरक्षा के लिए संस्थागत समाधानों की मांग कर रहे हैं।

Did You Know?: CJP की शुरुआत सीजेआई सूर्यकांत के एक बयान के विरोध में एक ऑनलाइन अकाउंट से हुई थी, जो देखते ही देखते एक बड़े छात्र आंदोलन में बदल गई।

Frequently Asked Questions

1. CJP का मुख्य उद्देश्य क्या है?
CJP मुख्य रूप से एक छात्र और युवा आंदोलन के रूप में उभरा है जो शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार पर दबाव बनाता है।

2. क्या CJP एक राजनीतिक दल है?
वर्तमान में, यह एक दबाव समूह (Pressure Group) के रूप में अधिक सक्रिय है, हालांकि इसके चुनावी लड़ने की संभावनाओं पर बहस जारी है।