पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु सरकार से मांग की है कि सांबा फसल सीजन के दौरान किसानों की सुरक्षा के लिए कर्नाटक से मध्यस्थता आदेश के अनुसार पानी प्राप्त किया जाए। उन्होंने मेट्टूर बांध के जलस्तर और भविष्य की पानी की जरूरतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

  • अंबुमणि रामदास ने सांबा सीजन के लिए कर्नाटक से पानी की मांग की है।
  • मेट्टूर बांध का वर्तमान जलस्तर 89.24 फीट है, जो चिंताजनक है।
  • किसानों को सांबा और थालाडी फसलों के लिए कुल 160 TMC पानी की आवश्यकता है।
  • कर्नाटक को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार तमिलनाडु को पानी देना चाहिए।

पामक (PMK) अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु सरकार से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सांबा फसल के पूरे सीजन के दौरान किसानों को कर्नाटक से मध्यस्थता आदेश (Arbitration Order) के अनुसार पर्याप्त पानी मिले। उन्होंने चेतावनी दी है कि केवल मेट्टूर बांध से पानी छोड़ना काफी नहीं होगा, क्योंकि बांध में पानी का भंडार सीमित है।

वर्तमान स्थिति पर चर्चा करते हुए, रामदास ने बताया कि मेट्टूर बांध का जलस्तर वर्तमान में 89.24 फीट (51.78 TMC) है। हालांकि, सरकार ने 1 सितंबर से मेट्टूर बांध से पानी छोड़ने की घोषणा की है, जो 'कुरैवई' (Kuruvai) फसलों को बचाने के लिए एक स्वागत योग्य कदम है। लेकिन, सांबा सीजन के लिए पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा क्षेत्र में कृषि पूरी तरह से पानी की उपलब्धता पर निर्भर है। यदि सांबा सीजन के दौरान पानी की कमी होती है, तो यह न केवल लाखों किसानों की आजीविका को प्रभावित करेगा, बल्कि राज्य की खाद्य सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर देगा।

रामदास के अनुसार, कावेरी सिंचाई जिलों में लगभग 18 लाख एकड़ भूमि पर सांबा और थालाडी धान की खेती की जाती है। इन फसलों को बचाने के लिए लगभग 160 TMC पानी की आवश्यकता है। यदि उत्तर-पूर्वी मानसून सामान्य रहता है, तो 50-60 TMC पानी मिल सकता है, लेकिन शेष 100-110 TMC पानी मेट्टूर बांध से ही मिलना चाहिए, जो कर्नाटक से आने वाले पानी पर निर्भर है।

सरकार को कर्नाटक पर कानूनी और प्रशासनिक दबाव बनाना चाहिए ताकि मध्यस्थता आदेश का पालन हो सके।

कानूनी पक्ष को उजागर करते हुए, उन्होंने कहा कि कावेरी प्रबंधन आयोग और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, कर्नाटक को तमिलनाडु को जून से अगस्त तक निर्धारित मात्रा में पानी देना चाहिए था। हालांकि, अब तक प्राप्त पानी के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वर्तमान में कर्नाटक को तमिलनाडु को 28 TMC अतिरिक्त पानी देना बाकी है।

रामदास ने सुझाव दिया कि कर्नाटक के बांधों में वर्तमान में 82.11 TMC पानी उपलब्ध है। यदि कर्नाटक प्रतिदिन 2 TMC पानी छोड़ता है, तो सितंबर के अंत तक बकाया पानी की आपूर्ति की जा सकती है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह कावेरी प्रबंधन आयोग और सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से कर्नाटक पर दबाव बनाए।

Did You Know?: मेट्टूर बांध का जलस्तर 90-100 फीट (52-65 TMC) के बीच होना आदर्श माना जाता है ताकि पूरे सीजन के लिए पानी छोड़ा जा सके।

Frequently Asked Questions

1. सांबा सीजन के लिए कितने पानी की आवश्यकता है?
सांबा और थालाडी फसलों के लिए कुल मिलाकर लगभग 160 TMC पानी की आवश्यकता होती है।

2. अंबुमणि रामदास की मुख्य मांग क्या है?
उनकी मुख्य मांग है कि तमिलनाडु सरकार कर्नाटक से मध्यस्थता आदेश के तहत पानी प्राप्त करने के लिए कानूनी दबाव बनाए।