इक्वाडोर की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को देश के सबसे बड़े जलविद्युत संयंत्र के निर्माण में रिश्वत लेने का दोषी पाया है। उन्हें पांच साल के कारावास और भविष्य में किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने से स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
- पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को पांच साल की जेल और सार्वजनिक पद पर रोक की सजा।
- कोका कोडो सिनक्लेयर जलविद्युत परियोजना से जुड़ा है भ्रष्टाचार का मामला।
- चीनी कंपनी सिनोहाइड्रो द्वारा लगभग $76.1 मिलियन की रिश्वत देने का आरोप।
- मोरेनो के परिवार के सदस्यों और चीन के पूर्व राजदूत को भी सजा सुनाई गई।
इक्वाडोर के न्यायिक इतिहास में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए, राष्ट्रीय अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को देश के सबसे बड़े जलविद्युत संयंत्र, कोका कोडो सिनक्लेयर (Coca Codo Sinclair) के निर्माण से जुड़े रिश्वत कांड में दोषी करार दिया है। शुक्रवार को अदालत ने मोरेनो को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई और उन पर भविष्य में किसी भी सरकारी या सार्वजनिक पद पर बैठने के लिए स्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।
यह मामला 2023 में शुरू हुई एक व्यापक जांच का परिणाम है, जिसमें मोरेनो, उनके परिवार के सदस्यों और स्थानीय एवं चीनी व्यावसायिक भागीदारों के बीच एक भ्रष्टाचार नेटवर्क का खुलासा हुआ था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, चीनी राज्य के स्वामित्व वाली फर्म सिनोहाइड्रो (Sinohydro) ने 2009 और 2018 के बीच धोखाधड़ी वाले परामर्श अनुबंधों के माध्यम से लगभग $76.1 मिलियन की रिश्वत दी थी।
मामले की पृष्ठभूमि और घोटाले का विवरण
कोका कोडो सिनक्लेयर संयंत्र 2016 में चालू हुआ था, लेकिन तब से यह लगातार तकनीकी समस्याओं से जूझ रहा है। जांचकर्ताओं का दावा है कि रिश्वत की राशि टैक्स हेवन में स्थित शेल कंपनियों और विदेशी खातों के माध्यम से मोरेनो के परिवार और सहयोगियों तक पहुंचाई गई थी। अभियोजकों ने बताया कि जब मोरेनो 2007 से 2013 तक उप-राष्ट्रपति थे, तब उनके और उनके करीबी रिश्तेदारों को 1 मिलियन डॉलर से अधिक प्राप्त हुए थे।
न्यायाधीश मैनुअल कैबरेरा ने फैसला सुनाते हुए कहा, 'लेनिन मोरेनो का आचरण अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुरूप है: एक सार्वजनिक अधिकारी द्वारा रिश्वत का अपराध।'
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह फैसला लैटिन अमेरिका में बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में चीन के बढ़ते प्रभाव और उससे जुड़े भ्रष्टाचार के जोखिमों को उजागर करता है। यह मामला न केवल इक्वाडोर की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय कंपनियां सरकारी ठेकों के लिए अवैध रास्तों का उपयोग करती हैं।
इस मामले में केवल मोरेनो ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी रोसिओ गोंजालेज नावास, उनकी बेटी, दो भाइयों और चीन के पूर्व राजदूत काई रुंगुओ को भी दोषी ठहराया गया है। मोरेनो के परिवार को दो साल और छह महीने की जेल की सजा सुनाई गई है, जबकि पूर्व राजदूत को पांच साल की सजा मिली है।
| नाम | पद/संबंध | सजा |
|---|---|---|
| लेनिन मोरेनो | पूर्व राष्ट्रपति | 5 साल जेल + आजीवन प्रतिबंध |
| रोसिओ गोंजालेज नावास | पत्नी | 2.5 साल जेल |
| काई रुंगुओ | चीन के पूर्व राजदूत | 5 साल जेल |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: लेनिन मोरेनो पर मुख्य आरोप क्या हैं?
उत्तर: उन पर कोका कोडो सिनक्लेयर संयंत्र के निर्माण के बदले सिनोहाइड्रो जैसी कंपनियों से रिश्वत लेने का आरोप है।
प्रश्न 2: क्या मोरेनो के परिवार को भी सजा मिली है?
उत्तर: हाँ, उनकी पत्नी, बेटी और भाइयों को भी भ्रष्टाचार के इस मामले में दोषी पाया गया है और सजा सुनाई गई है।