प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और सुरक्षा एवं कनेक्टिविटी पर चर्चा करने के लिए उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। वह बिश्केक में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे।

  • प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हुए।
  • वह बिश्केक में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
  • दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नई दिल्ली से उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की महत्वपूर्ण दो-राष्ट्र यात्रा के लिए रवाना हो गए। यह दौरा भारत की मध्य एशिया नीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य इन रणनीतिक देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करना है।

प्रधानमंत्री के इस दौरे का एक मुख्य आकर्षण बिश्केक में आयोजित होने वाला शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन है। इस सम्मेलन में भारत, SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार करेगा। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत एक ऐसे क्षेत्र का सपना देखता है जो सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों से सुसज्जित हो।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मध्य एशिया में भारत की बढ़ती सक्रियता चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए महत्वपूर्ण है। उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के साथ मजबूत संबंध न केवल ऊर्जा सुरक्षा बल्कि व्यापारिक गलियारों (Connectivity Corridors) के विकास के लिए भी अनिवार्य हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई ही मध्य एशिया में भारत की भूमिका को निर्णायक बनाएगी।

ऐतिहासिक रूप से, भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच संबंध 'सिल्क रोड' के युग से चले आ रहे हैं। हालांकि, पिछले कुछ दशकों में भू-राजनीतिक बदलावों के कारण कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती रही है। पीएम मोदी का यह दौरा इस ऐतिहासिक कड़ी को आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे के माध्यम से पुनर्जीवित करने का प्रयास है।

इस यात्रा के दौरान, भारत आतंकवाद मुक्त क्षेत्र बनाने पर जोर देगा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत एक ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जो अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो, जिससे विकास के नए द्वार खुल सकें।

Did You Know?: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का गठन 2001 में हुआ था और यह दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठनों में से एक है।

Frequently Asked Questions

1. प्रधानमंत्री मोदी किस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं?
प्रधानमंत्री मोदी बिश्केक में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

2. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला और भारत के साथ कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।