कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी कार्यक्रम स्थल पर किए गए 'शुद्धिकरण' को छुआछूत का रूप बताते हुए प्रधानमंत्री से FIR के आदेश देने की मांग की है। उन्होंने इसे असंवैधानिक और दलित विरोधी बताया है।

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  • राहुल गांधी ने मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी कार्यक्रम में 'शुद्धिकरण' किए जाने का आरोप लगाया।
  • उन्होंने इस घटना को संविधान के खिलाफ और छुआछूत का आधुनिक रूप बताया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में तत्काल FIR दर्ज करने का आदेश देने की मांग की गई।
  • राहुल ने राजस्थान में भी इसी तरह की घटना का जिक्र करते हुए भेदभाव का मुद्दा उठाया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हालिया हल्द्वानी दौरे का उल्लेख करते हुए एक गंभीर आरोप लगाया। राहुल गांधी के अनुसार, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जहां खड़गे ने अपना भाषण दिया था, उस स्थान का 'शुद्धिकरण' किया गया।

राहुल गांधी ने इस घटना को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि जब देश के सर्वोच्च कांग्रेस नेता के साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो आम नागरिकों, विशेषकर दलित समुदाय के लोगों के साथ कितनी भयावह घटनाएं होती होंगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह 'शुद्धिकरण' वास्तव में छुआछूत का ही एक अन्य नाम है, जिसे भारतीय संविधान ने अवैध घोषित किया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह मुद्दा केवल एक राजनीतिक बयानबाजी नहीं है, बल्कि यह देश में जातिगत भेदभाव और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण की बहस को फिर से जीवित कर रहा है। यदि इस तरह की रस्में सार्वजनिक स्थानों पर की जाती हैं, तो यह सीधे तौर पर अनुच्छेद 17 (अस्पृश्यता का उन्मूलन) का उल्लंघन है।

"शुद्धिकरण के नाम पर की जाने वाली ये रस्में समाज में व्याप्त उस गहरी जड़ें जमा चुकी छुआछूत को दर्शाती हैं, जिसे खत्म करने का संकल्प हमारे संविधान निर्माताओं ने लिया था।"

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की रस्मों के माध्यम से समाज के एक वर्ग को 'अशुद्ध' घोषित करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी कांग्रेस के नेता के मंदिर जाने के बाद 'शुद्धिकरण' किया गया था। उन्होंने कहा कि यह मानसिकता दलितों को अपमानित करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से अलग रखने की साजिश है।

उन्होंने आगे कहा कि भेदभाव केवल गांवों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरों में भी चाय की दुकानों पर अलग कप देना या कुओं से पानी लेने पर रोक लगाना जैसी घटनाएं आज भी मौजूद हैं। उन्होंने स्कूलों में दलित बच्चों से शौचालय साफ कराने जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया, जो मानवता के खिलाफ है।

Did You Know?: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता (Untouchability) को पूरी तरह से समाप्त करता है और इसका किसी भी रूप में अभ्यास करना एक दंडनीय अपराध है।

Frequently Asked Questions

1. राहुल गांधी ने किस घटना पर आपत्ति जताई है?
राहुल गांधी ने मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी कार्यक्रम स्थल पर किए गए 'शुद्धिकरण' की रस्म पर आपत्ति जताई है।

2. राहुल गांधी ने सरकार से क्या मांग की है?
उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश देने की मांग की है।