तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए चार सप्ताह के अतिरिक्त समय की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि गलत वर्गीकरण के कारण राज्य के लगभग एक-तिहाई मतदाता अपनी पात्रता साबित करने के संकट में पड़ सकते हैं।

  • मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची पुनरीक्षण की समय सीमा बढ़ाने का आग्रह किया है।
  • लगभग 92.86 लाख मतदाताओं को सत्यापन नोटिस की आवश्यकता है।
  • ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट) श्रेणी में बड़ी संख्या में विसंगतियां पाई गई हैं।
  • हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में सत्यापन का बोझ सबसे अधिक है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को एक औपचारिक पत्र लिखकर राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए दावा और आपत्ति अवधि को चार सप्ताह बढ़ाने का आग्रह किया है। 29 अगस्त, 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भेजे गए इस पत्र में मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित किए जाने का जोखिम है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य की 3.38 करोड़ मतदाताओं की सूची में से लगभग 73.39 लाख प्रविष्टियों को 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट' (ASDD) की श्रेणी में रखा गया है। इसमें सबसे चिंताजनक बात यह है कि 45.19 लाख मतदाताओं (लगभग 62%) को 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' (Permanently Shifted) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। रेड्डी ने तर्क दिया कि वर्तमान सत्यापन प्रक्रिया अस्थायी अनुपस्थिति और स्थायी स्थानांतरण के बीच अंतर करने में विफल रही है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यदि मतदाता सूची में इस तरह की बड़े पैमाने पर विसंगतियां रहती हैं, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है। यदि काम या यात्रा के कारण घर से दूर रहने वाले नागरिकों को 'स्थानांतरित' मानकर सूची से हटा दिया जाता है, तो यह बड़े पैमाने पर मतदाता बहिष्कार का कारण बन सकता है।

"मतदाता सूची में त्रुटियां केवल प्रशासनिक चूक नहीं हैं, बल्कि यह नागरिक अधिकारों के हनन का एक गंभीर जोखिम है।"

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि शहरी क्षेत्रों, विशेष रूप से हैदराबाद, मेडल-मल्काजगिरी और रंगारेड्डी में समस्या अधिक गंभीर है। इन क्षेत्रों में प्रवासी श्रमिकों और किरायेदारों की अधिकता के कारण निवास का निरंतर प्रमाण देना कठिन होता है। आंकड़ों के अनुसार, इन तीन जिलों में राज्य के कुल ASDD प्रविष्टियों का 58.06% हिस्सा है।

रेवंत रेड्डी ने केवल समय विस्तार ही नहीं, बल्कि सुरक्षा उपायों के रूप में कई प्रस्ताव भी रखे हैं। उन्होंने ग्राम सभाओं और वार्ड समितियों में मतदाता सूचियों का सार्वजनिक पठन, बूथ स्तर पर सहायता केंद्र (Helpdesks) की स्थापना, और सत्यापन के लिए दस्तावेजों की सूची का विस्तार करने की मांग की है।

Did You Know?: तेलंगाना में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान लगभग 92.86 लाख लोगों को अपनी पात्रता के संबंध में नोटिस जारी किया जा सकता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: मुख्यमंत्री ने समय विस्तार की मांग क्यों की है?
उत्तर: क्योंकि बड़ी संख्या में मतदाताओं को गलत तरीके से 'स्थानांतरित' माना जा रहा है और उन्हें अपनी पात्रता साबित करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है।

प्रश्न 2: किन क्षेत्रों में सबसे अधिक विसंगतियां पाई गई हैं?
उत्तर: हैदराबाद, मेडल-मल्काजगिरी और रंगारेड्डी जिलों में सबसे अधिक विसंगतियां और नोटिस दर्ज किए गए हैं।