राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मजात नागरिकता (birthright citizenship) को सीमित करने के लिए नए कार्यकारी आदेश जारी किए हैं। कानूनी विशेषज्ञ अब इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या ये आदेश सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों को दरकिनार करने में सक्षम होंगे।
- ट्रंप ने जन्मजात नागरिकता और 'बर्थ टूरिज्म' को रोकने के लिए नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए।
- नए आदेशों में विदेशी आतंकवादी संगठनों और विदेशी सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को नागरिकता से वंचित करने का प्रावधान है।
- विशेषज्ञों के बीच इस बात को लेकर विभाजन है कि क्या राष्ट्रपति के पास 'विदेशी दुश्मन' को परिभाषित करने की शक्ति है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मजात नागरिकता (birthright citizenship) के मुद्दे पर एक नई और अधिक केंद्रित कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जून में दिए गए 6-3 के फैसले के बाद, जिसने अनधिकृत रूप से रहने वाले माता-पिता के बच्चों को नागरिकता का अधिकार दिया था, ट्रंप प्रशासन अब 'विदेशी दुश्मन' और 'राजनयिक' जैसे कानूनी अपवादों का उपयोग कर रहा है।
6 अगस्त को हस्ताक्षरित नए कार्यकारी आदेशों का उद्देश्य उन बच्चों को नागरिकता के दस्तावेजों से वंचित करना है जिनके माता-पिता अमेरिकी नागरिक नहीं हैं और जो विदेशी आतंकवादी संगठनों, विदेशी सरकारी कर्मचारियों, या जन्मजात नागरिकता प्राप्त करने के लिए धोखाधड़ी करने वालों से जुड़े हैं। यह रणनीति सीधे तौर पर 14वें संशोधन के उन अपवादों पर आधारित है जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक रूप से मान्यता दी है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल नागरिकता के बारे में नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति की कार्यकारी शक्तियों के विस्तार की एक बड़ी लड़ाई है। यदि ट्रंप प्रशासन सफलतापूर्वक यह साबित कर देता है कि आतंकवादी या विदेशी एजेंट 'विदेशी दुश्मन' की श्रेणी में आते हैं, तो यह जन्मजात नागरिकता के दशकों पुराने मानदंडों को बदल सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने लंबे समय से माना है कि 14वें संशोधन के तहत राजदूतों के बच्चों और आक्रमणकारी सेनाओं के बच्चों के लिए जन्मजात नागरिकता में अपवाद मौजूद हैं।
मैनहट्टन इंस्टीट्यूट और अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी इंस्टीट्यूट जैसे संगठनों के विशेषज्ञों का तर्क है कि ट्रंप का यह नया दृष्टिकोण पहले की तुलना में अधिक ठोस है। उनका कहना है कि चूंकि आतंकवादी अमेरिका के प्रति शत्रुतापूर्ण हैं, इसलिए वे उन अपवादों के अंतर्गत आते हैं जो नागरिकता के दावों को रोक सकते हैं।
हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों के बीच इस पर गहरा मतभेद है। कैटो इंस्टीट्यूट के डेविड बीयर जैसे विद्वानों का तर्क है कि कांग्रेस के बिना राष्ट्रपति द्वारा 'विदेशी दुश्मन' को फिर से परिभाषित करना एक अभूतपूर्व और कानूनी रूप से अस्थिर कदम हो सकता है। उनका कहना है कि अमेरिकी न्यायक्षेत्र को निर्धारित करने का अधिकार अंततः कांग्रेस के पास है।
ऐतिहासिक रूप से, 1898 के United States v. Wong Kim Ark मामले ने नागरिकता के अपवादों को स्पष्ट किया था, लेकिन यह मुख्य रूप से 'कब्जा करने वाली' विदेशी सेनाओं के संदर्भ में था। कानूनी विशेषज्ञों का एक वर्ग, जिसमें वर्जीनिया विश्वविद्यालय की प्रोफेसर अमान्डा फ्रॉस्ट शामिल हैं, का मानना है कि ट्रंप का आदेश असंवैधानिक घोषित किया जा सकता है क्योंकि यह केवल 'कब्जा करने वाले' दुश्मनों तक सीमित नहीं है।
Frequently Asked Questions
1. ट्रंप का नया आदेश क्या बदलता है?
यह आदेश उन बच्चों को नागरिकता देने से रोकने का प्रयास करता है जिनके माता-पिता आतंकवादी संगठनों या विदेशी सरकारों से जुड़े हैं।
2. क्या सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस पर फैसला सुना दिया है?
हाँ, जून में कोर्ट ने कहा था कि अवैध रूप से रहने वाले माता-पिता के बच्चों को नागरिकता मिलती है, लेकिन ट्रंप अब 'अपवादों' के आधार पर नया रास्ता खोज रहे हैं।
| विशेषता | सुप्रीम कोर्ट का पिछला रुख | ट्रंप का नया दृष्टिकोण |
|---|---|---|
| आधार | 14वां संशोधन (व्यापक अधिकार) | कानूनी अपवाद (आतंकवादी/राजनयिक) |
| मुख्य लक्ष्य | अवैध प्रवासियों के बच्चों की सुरक्षा | बर्थ टूरिज्म और सुरक्षा खतरों को रोकना |