मिनेसोटा सुप्रीम कोर्ट ने रिपब्लिकन प्राइमरी चुनाव में हार के बाद माइक लिंडेल द्वारा मांगी गई पुनर्गणना की याचिका को खारिज कर दिया है। लिंडेल ने अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला किया है।

  • मिनेसोटा सुप्रीम कोर्ट ने माइक लिंडेल की पुनर्गणना की मांग को खारिज कर दिया।
  • लिंडेल को स्पीकर लिसा डेमुथ से 45,000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
  • लिंडेल ने अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में जाने की योजना बनाई है।

मिनेसोटा सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए MyPillow के संस्थापक माइक लिंडेल की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने रिपब्लिकन Gubernatorial प्राइमरी चुनाव की पूर्ण पुनर्गणना की मांग की थी। लिंडेल को राज्य विधानसभा अध्यक्ष लिसा डेमुथ के खिलाफ 45,000 वोटों के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा है।

मुख्य न्यायाधीश नताली ई. हडसन ने छह पन्नों के अपने फैसले में स्पष्ट किया कि मिनेसोटा सचिव कार्यालय और राज्य कैनवासिंग बोर्ड द्वारा प्रस्तावित पुनर्गणना योजना पूरी तरह से कानून के अनुरूप है। न्यायालय ने लिंडेल के उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि चुनाव प्रक्रिया में कोई 'गलत कार्य' या 'त्रुटि' हुई है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक चुनावी हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चुनावी अखंडता और कानूनी प्रक्रियाओं की व्याख्या के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। लिंडेल द्वारा चुनावी मशीनों पर सवाल उठाना उनके पिछले विवादास्पद रुख का ही विस्तार है, जो अमेरिकी राजनीति में गहरा ध्रुवीकरण पैदा करता है।

लिंडेल का पुनर्गणना पर ध्यान केंद्रित करना चुनावी विवाद के बजाय पुनर्गणना के वास्तविक उद्देश्य को भ्रमित करने जैसा है।

लिंडेल ने NBC न्यूज से बातचीत में कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि उनकी टीम स्वतंत्रता सूचना अधिनियम (FOIA) के माध्यम से सभी 87 काउंटियों से डेटा प्राप्त करने की कोशिश कर रही है ताकि चुनाव डेटा की स्वतंत्र जांच की जा सके। लिंडेल ने यहाँ तक कहा, "मैं और भी पैसा खर्च करने के लिए तैयार हूँ। मुझे परवाह नहीं है कि इसकी लागत क्या होगी।"

इससे पहले, लिंडेल ने हाथ से पुनर्गणना और ऑडिट के लिए लगभग $825,000 खर्च करने का वादा किया था, लेकिन उन्होंने भुगतान करने से इनकार कर दिया। उनका आरोप था कि पुनर्गणना योजना केवल उनके और डेमुथ के वोटों तक सीमित थी, जबकि सात उम्मीदवारों वाले इस चुनाव में अन्य उम्मीदवारों के वोटों को भी शामिल किया जाना चाहिए था।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

माइक लिंडेल लंबे समय से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की हार को नकारते रहे हैं। उन्होंने बार-बार यह दावा किया है कि वोटिंग मशीन के माध्यम से चुनाव में धांधली की गई थी, हालांकि ये दावे बार-बार गलत साबित हुए हैं। डोमिनियन वोटिंग सिस्टम्स के खिलाफ मानहानि के मामलों में भी लिंडेल कानूनी मुश्किलों में फंसे हुए हैं।

Did You Know?: मिनेसोटा में चुनाव पुनर्गणना की प्रक्रिया राज्य के प्रशासनिक नियमों और कानून द्वारा कड़ाई से नियंत्रित होती है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: माइक लिंडेल ने पुनर्गणना की मांग क्यों की थी?
उत्तर: लिंडेल का दावा था कि चुनावी मशीनों के उपयोग के कारण डेटा में विसंगतियां हैं और पुनर्गणना में सभी उम्मीदवारों के वोटों को शामिल किया जाना चाहिए।

प्रश्न 2: लिंडेल का अगला कदम क्या है?
उत्तर: लिंडेल ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील करने और स्वतंत्र जांच के लिए डेटा जुटाने की योजना बनाई है।