न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित 'यूनिवर्सल वननेस' कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू-मुस्लिम एकता और समावेशिता पर जोर दिया। उनके इस बयान ने वैश्विक स्तर पर चर्चा और राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

  • मोहन भागवत ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हिंदू-मुस्लिम एकता का आह्वान किया।
  • उन्होंने कहा कि एक सच्चा हिंदू कभी भी मुसलमानों को बाहर नहीं रख सकता।
  • उनके बयान पर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विवाद शुरू हो गया है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क शहर के प्रतिष्ठित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित 'यूनिवर्सल वननेस' कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित 17 दिवसीय विश्व दौरे के दौरान, भागवत ने हिंदू-मुस्लिम एकता और समावेशिता के विचार को मजबूती से प्रस्तुत किया।

अपने संबोधन में, भागवत ने स्पष्ट रूप से कहा कि एक सच्चा हिंदू किसी भी परिस्थिति में मुसलमानों को बाहर नहीं कर सकता, यहाँ तक कि 'हिंदू राष्ट्र' की अवधारणा के भीतर भी। उन्होंने तर्क दिया कि यद्यपि विभिन्न धर्म पूजा के अलग-अलग मार्ग अपनाते हैं, लेकिन मानवता ही वह सूत्र है जो सभी को एक साथ बांधती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भागवत का यह बयान वैश्विक मंच पर आरएसएस की छवि को बदलने का एक प्रयास हो सकता है। जहाँ एक ओर यह समावेशिता का संदेश देता है, वहीं दूसरी ओर यह भारत के आंतरिक राजनीतिक परिदृश्य में एक नई बहस को जन्म दे रहा है।

'धर्म के विभिन्न मार्ग हो सकते हैं, लेकिन मानवता का आधार एक ही है।'

भागवत के इस संदेश का मुस्लिम समुदाय के विभिन्न वर्गों ने स्वागत किया है। पूर्व बाबरी मस्जिद मुकदमेबाज इकबाल अंसारी और कई मुस्लिम विद्वानों ने उनके संदेश को सराहनीय बताया है। उन्होंने इसे सांप्रदायिक सद्भाव की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना है।

हालांकि, इस बयान ने भारतीय राजनीति में एक नया विवाद भी खड़ा कर दिया है। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल शब्दों से काम नहीं चलता, बल्कि कार्यों से परिणाम दिखने चाहिए। विपक्षी नेताओं ने भी भागवत के इस रुख पर सवाल उठाए हैं, उनका तर्क है कि विदेश में दिए जा रहे उदारवादी संदेश और भारत में उनके रुख के बीच गहरा विरोधाभास है।

न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने कार्यक्रम के प्रति अपनी असहमति व्यक्त की, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि निजी सभाओं को रद्द करने का अधिकार शहर के पास नहीं है। इसके विपरीत, USCIRF के अध्यक्ष आसिफ महमूद ने पहले ही आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने और भागवत के अमेरिकी वीज़ा को रद्द करने की मांग की थी।

Did You Know?: मैडिसन स्क्वायर गार्डन दुनिया के सबसे प्रसिद्ध संगीत और खेल स्थलों में से एक है, जहाँ ऐतिहासिक रूप से कई बड़े वैश्विक आयोजन होते रहे हैं।

Frequently Asked Questions

1. मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में क्या मुख्य बात कही?
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म समावेशी है और एक सच्चा हिंदू मुसलमानों को कभी अलग नहीं कर सकता।

2. उनके बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया क्या रही?
जहाँ कुछ मुस्लिम नेताओं ने इसका स्वागत किया, वहीं कपिल सिब्बल जैसे नेताओं ने इसे केवल शब्दों तक सीमित बताया।