जनरल डैन केन ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि आगामी मध्यावधि चुनावों के दौरान मतदान केंद्रों पर संघीय सैनिकों या नेशनल गार्ड को तैनात करने की कोई योजना नहीं है।
- जनरल डैन केन ने पुष्टि की कि मतदान केंद्रों पर कोई संघीय सैन्य कर्मी तैनात नहीं किया जाएगा।
- 2026 के चुनावों के दौरान मतपत्रों या वोटिंग मशीनों को जब्त करने के लिए सेना का उपयोग नहीं होगा।
- डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन ने चुनाव हस्तक्षेप की आशंका जताई थी।
2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों को लेकर बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी सेना के सर्वोच्च अधिकारी और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने एक महत्वपूर्ण आश्वासन दिया है। एसोसिएटेड प्रेस द्वारा प्राप्त एक पत्र में, उन्होंने स्पष्ट किया कि 3 नवंबर को होने वाले चुनावों के दौरान मतदान केंद्रों पर संघीय सैन्य कर्मियों या नेशनल गार्ड के सदस्यों को तैनात करने की कोई योजना नहीं है।
यह पत्र मिशिगन की डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन के सवालों के जवाब में लिखा गया था। स्लॉटकिन ने आशंका जताई थी कि ट्रंप प्रशासन चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए सेना का उपयोग कर सकता है। जनरल केन ने यह भी स्पष्ट किया कि सेना का उपयोग मतपत्रों, वोटिंग मशीनों या चुनाव से संबंधित किसी भी सामग्री को जब्त करने के लिए नहीं किया जाएगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह पुष्टि केवल एक औपचारिक जवाब नहीं है, बल्कि अमेरिकी लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिरता का एक संकेत है। यह चिंता इसलिए बढ़ी क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने पहले ही डेमोक्रेटिक-शासित राज्यों में संघीय एजेंटों की तैनाती की थी। जनरल केन का यह कहना कि उन्हें कोई "गैरकानूनी आदेश" नहीं मिला है, यह दर्शाता है कि सैन्य नेतृत्व राजनीतिक निष्ठा के बजाय संविधान को प्राथमिकता दे रहा है।
अमेरिकी सेना की गैर-पक्षपाती परंपरा राजनीतिक ध्रुवीकरण के दौर में लोकतंत्र को बचाने वाली अंतिम सुरक्षा दीवार है।
ऐतिहासिक रूप से, अमेरिका में सशस्त्र बलों और घरेलू राजनीतिक प्रशासन के बीच एक सख्त विभाजन रहा है। संघीय कानून के अनुसार, जब तक "संयुक्त राज्य अमेरिका के सशस्त्र शत्रुओं को पीछे धकेलना" आवश्यक न हो, मतदान केंद्रों पर सशस्त्र संघीय बलों की तैनाती प्रतिबंधित है। घरेलू सुरक्षा का कार्य आमतौर पर राज्य नियंत्रण वाले नेशनल गार्ड के पास होता है।
सीनेटर स्लॉटकिन ने 2020 के चुनावों के बाद की घटनाओं का हवाला दिया, जहाँ चुनाव चोरी होने के दावों ने भारी अशांति पैदा की थी। उन्होंने 2025 में लॉस एंजिल्स में सक्रिय ड्यूटी वाले मरीन की तैनाती को घरेलू प्रवर्तन के लिए सैन्य उपयोग के एक उदाहरण के रूप में पेश किया।
| पहलू | कानूनी ढांचा | चिंता का विषय |
|---|---|---|
| सैनिक तैनाती | सशस्त्र शत्रुओं को रोकने के अलावा प्रतिबंधित | मतदान रोकने के लिए उपयोग की संभावना |
| उपकरण प्रबंधन | स्थानीय/राज्य चुनाव अधिकारियों द्वारा प्रबंधित | वोटिंग मशीन जब्त करने का डर |
| कमांड संरचना | संवैधानिक/नागरिक नियंत्रण | कार्यकारी द्वारा "गैरकानूनी आदेश" का जोखिम |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: क्या मतदान केंद्रों पर नेशनल गार्ड का उपयोग किया जा सकता है?
उत्तर: संघीय सैनिकों पर प्रतिबंध है, लेकिन यदि गवर्नर सुरक्षा के लिए आवश्यक समझें, तो राज्य नियंत्रण वाले नेशनल गार्ड को तैनात किया जा सकता है, हालांकि मतदान केंद्रों के लिए यह दुर्लभ है।
प्रश्न: यदि सेना को कोई गैरकानूनी आदेश दिया जाता है तो क्या होगा?
उत्तर: सैन्य अधिकारी संविधान की रक्षा की शपथ लेते हैं और वे कानूनी रूप से उन आदेशों को मानने से इनकार करने के लिए बाध्य हैं जो स्पष्ट रूप से अवैध या असंवैधानिक हों।