दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा नीति में संशोधन करते हुए 400 यूनिट तक बिजली खपत वाले परिवारों के लिए मुफ्त रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की मंजूरी दे दी है। इस कदम से न केवल बिजली बिल कम होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा।
- 400 यूनिट तक मासिक खपत वाले घरों को 3 kW तक के सोलर सिस्टम मुफ्त मिलेंगे।
- केंद्र सरकार के ₹78,000 के साथ दिल्ली सरकार भी ₹78,000 की पूंजीगत सब्सिडी देगी।
- मार्च 2027 तक 2.3 लाख छतों पर सोलर सिस्टम लगाने और 500 MW क्षमता जोड़ने का लक्ष्य।
- 200 यूनिट से कम खपत करने वालों को ऊर्जा बचत प्रोत्साहन भी मिलेगा।
दिल्ली सरकार ने राज्य की ऊर्जा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में 'दिल्ली सौर ऊर्जा नीति, 2023' में दूसरे संशोधन को मंजूरी दे दी गई। इस नए निर्णय के तहत, उन घरेलू उपभोक्ताओं को 3 kW तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम पूरी तरह मुफ्त दिए जाएंगे, जिनका औसत मासिक बिजली उपभोग 400 यूनिट तक है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना की विस्तार से व्याख्या करते हुए कहा कि यह केवल बिजली बचाने के बारे में नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के बारे में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो उपभोक्ता 200 यूनिट से कम बिजली का उपयोग करते हैं, उन्हें न केवल मौजूदा सब्सिडी का लाभ मिलता रहेगा, बल्कि वे सौर ऊर्जा से बचाई गई बिजली के लिए एक विशेष 'ऊर्जा-बचत प्रोत्साहन' (energy-saving incentive) भी अर्जित करेंगे।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह कदम दिल्ली के ऊर्जा ढांचे को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है। सौर ऊर्जा को अपनाकर दिल्ली न केवल अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम कर रही है, बल्कि बिजली वितरण नेटवर्क पर पड़ने वाले भारी बोझ को भी कम कर रही है। यह नीति दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
यह नीति दिल्ली को एक सौर-ऊर्जा संचालित महानगर में बदलने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए वित्तीय सहायता का ढांचा अत्यंत मजबूत रखा गया है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली ₹78,000 की सब्सिडी के अलावा, दिल्ली सरकार भी ₹78,000 की पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, यदि टेंडर की गई लागत और सब्सिडी के बीच कोई अंतर रहता है, तो सरकार उस अंतर को भरने के लिए 'टॉप-अप' राशि भी देगी।
सरकार ने इस अभियान के लिए एक स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की है। लक्ष्य यह है कि मार्च 2027 तक 2.3 लाख घरों की छतों पर सोलर सिस्टम स्थापित किए जाएं, जिससे शहर की सौर क्षमता में 500 MW की वृद्धि हो सके। वर्तमान में, सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम लगाने का कार्य पहले से ही प्रगति पर है।
राजनीतिक मोर्चे पर, ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने इस फैसले को विपक्ष के लिए एक करारा जवाब बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह साबित कर दिया है कि मुफ्त बिजली का मॉडल टिकाऊ है और इसे अगले 25 वर्षों के लिए संस्थागत रूप दिया जा चुका है।
Frequently Asked Questions
1. मुफ्त सोलर सिस्टम के लिए पात्रता क्या है?
उन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पात्र हैं जिनका औसत मासिक बिजली उपभोग 400 यूनिट तक है।
2. सरकार कितनी सब्सिडी दे रही है?
केंद्र की ₹78,000 की सब्सिडी के साथ दिल्ली सरकार भी ₹78,000 की अतिरिक्त सब्सिडी देगी।