केरल में LDF के भीतर CPI और CPI(M) के बीच डिप्टी लोप (Deputy LoP) पद को लेकर विवाद गहरा गया है। इस बीच IUML ने CPI के प्रति सहानुभूति जताते हुए गठबंधन के भीतर उनकी स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
- CPI और CPI(M) के बीच डिप्टी लीडर ऑफ अपोजिशन पद को लेकर विवाद।
- IUML ने CPI को 'सच्चे कम्युनिस्ट आदर्शों' का प्रतिनिधि बताया और CPI(M) के प्रभुत्व की आलोचना की।
- दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे के ऐतिहासिक राजनीतिक फैसलों और विरासत पर सवाल उठाए हैं।
केरल की राजनीति में उस समय भारी उथल-पुथल मची है जब लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के दो सबसे बड़े स्तंभ, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) [CPI(M)], एक-दूसरे के खिलाफ आमने-सामने हैं। विवाद की मुख्य जड़ राज्य विधानसभा में डिप्टी लीडर ऑफ अपोजिशन (Dy LoP) का पद है, जिसने गठबंधन के भीतर पुराने जख्मों को हरा कर दिया है।
इस तनावपूर्ण माहौल का फायदा उठाते हुए, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने रणनीतिक रूप से CPI की ओर हाथ बढ़ाया है। IUML के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के.पी.ए. मजीद ने पार्टी मुखपत्र 'चंद्रिका' में लिखा कि CPI को गठबंधन के भीतर CPI(M) के अधीन रहने के लिए मजबूर किया गया है। मजीद ने सी. अचुथ मेनन के नेतृत्व वाली सरकारों की याद दिलाते हुए तर्क दिया कि उस समय CPI, कांग्रेस और IUML के सहयोग से 'केरल मॉडल' की नींव रखी गई थी, जिसे CPI(M) ने कभी स्वीकार नहीं किया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this is not merely a dispute over a single post, but a deeper struggle for identity and autonomy within the LDF. The IUML's attempt to align with the CPI suggests a potential shift in the state's political equations, aiming to weaken the CPI(M)'s hegemony over the Left alliance.
दूसरी ओर, CPI(M) के राज्य सचिवालय सदस्य सी.एन. मोहनन ने 'देशाभिमानि' में एक लेख लिखकर CPI पर प्रहार किया। उन्होंने CPI को आपातकाल के दौरान कांग्रेस का साथ देने वाला बताया और आरोप लगाया कि पार्टी एक 'गैर-मुद्दे' पर विवाद खड़ा कर रही है। मोहनन का दावा है कि डिप्टी लोप का पद हमेशा से CPI(M) के पास रहा है और CPI केवल विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है।
"The current friction within the LDF reflects a systemic failure in power-sharing agreements, where historical grievances are now outweighing ideological unity."
CPI राज्य सचिव बिनोय विस्वम ने इन आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने CPI(M) को याद दिलाया कि 1970 के दशक की शुरुआत में CPI(M) ने जनसंघ और स्वतंत्र पार्टी जैसे 'अति-दक्षिणपंथी' समूहों के साथ गठबंधन किया था। विस्वम ने यह भी आरोप लगाया कि CPI(M) ने अपनी गलतियों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया, जबकि CPI ने भटिंडा पार्टी कांग्रेस में अपनी भूलें मानी थीं।
विस्वम ने आगे कहा कि केरल का समाज हमेशा से वामपंथी विचारधारा की ओर झुका रहा है, और सी.एन. मोहनन का यह कहना कि केरल की सामाजिक चेतना 'वाम-विरोधी' है, अपनी ही पार्टी के इतिहास को नकारने जैसा है। यह विवाद अब केवल पदों तक सीमित न रहकर वैचारिक श्रेष्ठता की लड़ाई बन गया है।
Frequently Asked Questions
1. CPI और CPI(M) के बीच मुख्य विवाद क्या है?
मुख्य विवाद केरल विधानसभा में डिप्टी लीडर ऑफ अपोजिशन (Dy LoP) के पद के आवंटन और गठबंधन के भीतर प्रभाव को लेकर है।
IUML ने CPI के प्रति समर्थन व्यक्त किया है और CPI(M) के 'अहंकारी' व्यवहार की आलोचना की है, जिससे संकेत मिलते हैं कि वह CPI के साथ करीब आना चाहती है।