तमिलनाडु सरकार ने ड्राइवरों, गिग वर्कर्स और निर्माण श्रमिकों के लिए व्यापक कल्याणकारी पैकेज की घोषणा की है, जिसमें इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने के लिए 50% सब्सिडी शामिल है। इसके साथ ही गिग वर्कर्स के लिए दुर्घटना बीमा और निर्माण श्रमिकों के लिए कौशल विकास पर भी जोर दिया गया है।

  • 1,000 श्रमिकों को नए इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने के लिए ₹75,000 तक की 50% सब्सिडी मिलेगी।
  • गिग वर्कर्स को ₹10 लाख का दुर्घटना बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।
  • निर्माण श्रमिकों के लिए ₹76.46 करोड़ की लागत से पांच ITI में कौशल केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
  • प्रवासी श्रमिकों के लिए चेन्नई और कोयंबटूर में ट्रांजिट आवास केंद्र बनाए जाएंगे।

तमिलनाडु सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए एक महत्वाकांक्षी कल्याणकारी योजना की घोषणा की है। श्रम कल्याण और कौशल विकास मंत्री जे. मोहम्मद फारवास ने विधानसभा में बताया कि सरकार ड्राइवरों, गिग वर्कर्स और निर्माण श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा उपाय लागू करने जा रही है।

ई-मोबिलिटी और ऑटो चालक कल्याण

परिवहन क्षेत्र में बदलाव लाने के उद्देश्य से, सरकार ने तमिलनाडु अनऑर्गेनाइज्ड ड्राइवर्स एंड ऑटोमोबाइल वर्कशॉप वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के तहत पंजीकृत 1,000 श्रमिकों के लिए भारी सब्सिडी का प्रावधान किया है। योजना के तहत, नए इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने के लिए 50% सब्सिडी (अधिकतम ₹75,000 तक) दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, 1,000 अन्य श्रमिकों को अपने मौजूदा ऑटो को सीएनजी (CNG) में बदलने के लिए ₹30,000 तक की 50% सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

गिग वर्कर्स के लिए सुरक्षा कवच

आधुनिक अर्थव्यवस्था के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, सरकार ने गिग इकोनॉमी में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया है। मंत्री ने घोषणा की कि प्लेटफॉर्म आधारित गिग वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के साथ पंजीकृत श्रमिकों को ₹10 लाख का दुर्घटना बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लाखों डिलीवरी पार्टनर्स और अन्य सेवा प्रदाताओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा।

निर्माण क्षेत्र का आधुनिकीकरण और कौशल विकास

निर्माण श्रमिकों के लिए, सरकार ने कौशल उन्नयन पर भारी निवेश करने की योजना बनाई है। ₹76.46 करोड़ की लागत से पांच सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में 'कंस्ट्रक्शन स्किल सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, 'अयालगम सेलुम तमिलनाडु कट्टुमाना वेट्टी करंगल' नामक एक विशेष योजना के माध्यम से 1,000 श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय मानक का प्रशिक्षण और विदेशी भाषा का ज्ञान दिया जाएगा, ताकि उनके लिए विदेशों में रोजगार के अवसर खुल सकें।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह पहल न केवल असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि तमिलनाडु को हरित परिवहन (Green Transport) और कुशल श्रम शक्ति के मामले में एक अग्रणी राज्य के रूप में भी स्थापित करेगी। यह कदम सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करेगा।

यह सरकारी हस्तक्षेप असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को औपचारिक अर्थव्यवस्था और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
Did You Know?: तमिलनाडु सरकार द्वारा शुरू की जा रही कौशल विकास योजना का उद्देश्य श्रमिकों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

Frequently Asked Questions

1. इलेक्ट्रिक ऑटो सब्सिडी के लिए कौन पात्र है?
तमिलनाडु अनऑर्गेनाइज्ड ड्राइवर्स एंड ऑटोमोबाइल वर्कशॉप वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के साथ पंजीकृत श्रमिक इसके पात्र हैं।

2. निर्माण श्रमिकों के लिए आवास की क्या व्यवस्था है?
प्रवासी श्रमिकों के लिए चेन्नई और कोयंबटूर में ₹14 करोड़ की लागत से सुरक्षित 'ट्रांजिट आवास केंद्र' बनाए जाएंगे।