दिल्ली में विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ फॉर्म जमा करने के बावजूद हजारों मतदाताओं को 'स्थानांतरित' या 'अनुपस्थित' घोषित कर दिया गया है।
- दिल्ली के ड्राफ्ट रोल में लाखों मतदाताओं के नाम गायब पाए गए हैं।
- फॉर्म जमा करने के बावजूद मतदाताओं को 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' या 'अनुपस्थित' मार्क किया गया है।
- लगभग 47.56 लाख नाम ड्राफ्ट चरण में हटाए गए हैं, जिनमें से 66% को 'स्थानांतरित' बताया गया है।
नई दिल्ली: दिल्ली में चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची के प्रकाशन ने एक गंभीर प्रशासनिक संकट खड़ा कर दिया है। कई मतदाताओं ने पाया है कि बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) को अपने नामांकन फॉर्म जमा करने और उन्हें डिजिटल रूप से सत्यापित करने के बावजूद, उनके नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं हैं।
जांच में पाया गया है कि इन मतदाताओं को 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' (Permanently Shifted) या 'अनुपस्थित/पता नहीं चला' (Absent/Untraceable) के रूप में चिह्नित किया गया है। ये नाम ASDD सूची में शामिल हैं, जो उन नामों को वर्गीकृत करती है जिन्हें ड्राफ्ट रोल से बाहर रखा गया है।
आंकड़ों का विश्लेषण
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ड्राफ्ट चरण में कुल 47.56 लाख नामों को हटाया गया है क्योंकि उनके नामांकन फॉर्म BLO तक नहीं पहुंचे। इनमें से 31.59 लाख, यानी लगभग 66%, को 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' मार्क किया गया है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब दिल्ली की कुल पंजीकृत मतदाता संख्या 1.45 करोड़ है।
बूमोजोक मीडिया विश्लेषण (BozokMedia analysis shows...)
BozokMedia analysis shows कि यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर एक बड़ा सवालिया निशान है। जब BLO द्वारा डिजिटल रूप से सत्यापित फॉर्म के बाद भी नाम गायब हो रहे हैं, तो यह डेटा प्रबंधन और जमीनी स्तर पर जवाबदेही की कमी को दर्शाता है।
प्रशासनिक लापरवाही और डेटा विसंगतियों के कारण मतदाताओं को नए सिरे से पंजीकरण (Form 6) करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो उनके लोकतांत्रिक अधिकार का उल्लंघन है।
प्रभावित मतदाताओं की आवाज
मेहरौली के 56 वर्षीय जितेंद्र कुमार, जो एक दशक से एक ही बूथ पर मतदान कर रहे हैं, का नाम 'स्थानांतरित' दिखाया गया है। उनके बूथ के 907 मतदाताओं में से 896 को इसी तरह हटा दिया गया है। वहीं, टिंपरपुर के आशीष रंजन, जो 2014 से दिल्ली के मतदाता हैं, ने बताया कि उनका फॉर्म पोर्टल पर 'सफलतापूर्वक जमा' दिख रहा है, फिर भी उन्हें सूची से बाहर कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions
1. यदि मेरा नाम सूची में नहीं है, तो मुझे क्या करना चाहिए?
चुनाव आयोग के अनुसार, आपको 30 सितंबर तक दावा और आपत्ति अवधि के दौरान 'फॉर्म 6' जमा करना होगा।
2. क्या 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' मार्क करना सही है?
मतदाताओं का तर्क है कि यदि उन्होंने फॉर्म जमा किया है, तो उन्हें स्थानांतरित नहीं बल्कि मौजूदा मतदाता माना जाना चाहिए।
| श्रेणी | हटाए गए नाम (अनुमानित) | प्रतिशत/विवरण |
|---|---|---|
| कुल हटाए गए नाम | 47.56 लाख | ड्राफ्ट चरण में |
| स्थायी रूप से स्थानांतरित | 31.59 लाख | 66% |
| अन्य (मृत/दोहराव) | शेष | ASDD सूची के तहत |