YSRCP के पूर्व मंत्री गुड़ीवाडा अमरनाथ ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर उत्तर आंध्र में गोदावरी का पानी लाने का झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने पोलवरम परियोजना के घटते जल स्तर और किसानों की अनदेखी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- पूर्व मंत्री अमरनाथ ने मुख्यमंत्री नायडू पर गोदावरी जल के श्रेय को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
- पोलवरम परियोजना के पूर्ण जलाशय स्तर को 45.72 मीटर से घटाकर 41 मीटर करने पर चिंता जताई गई।
- YSRCP ने दावा किया कि लेफ्ट मेन कैनाल का अधिकांश काम पिछली सरकार के दौरान पूरा हो चुका था।
विशाखापत्तनम में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, YSRCP के अनाकापल्ली जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री गुड़ीवाडा अमरनाथ ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर तीखा हमला बोला। अमरनाथ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री उत्तर आंध्र क्षेत्र में गोदावरी का पानी पहुँचाने का श्रेय लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं, जबकि इस परियोजना की नींव और बुनियादी ढांचा पिछली सरकारों द्वारा तैयार किया गया था।
परियोजना का वास्तविक इतिहास और श्रेय का विवाद
अमरनाथ ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि पोलवरम परियोजना दशकों से चर्चा में रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी ने इस परियोजना के लिए महत्वपूर्ण मंजूरी प्राप्त की थी और भूमि अधिग्रहण के साथ-साथ दाएं और बाएं नहरों के निर्माण का कार्य भी शुरू किया था। उन्होंने तर्क दिया कि लेफ्ट मेन कैनाल का एक बड़ा हिस्सा YSRCP सरकार के दौरान ही पूरा कर लिया गया था, ऐसे में वर्तमान सरकार द्वारा पुरूषोत्तमपट्टनम लिफ्ट के माध्यम से पानी की आपूर्ति का श्रेय लेना अनुचित है।
जल स्तर में कमी और भविष्य का संकट
एक गंभीर तकनीकी मुद्दे को उठाते हुए, अमरनाथ ने खुलासा किया कि पोलवरम परियोजना का जलाशय स्तर, जिसे मूल रूप से 45.72 मीटर पर डिजाइन किया गया था, उसे अब केंद्र सरकार के निर्णय के बाद लगभग 41 मीटर तक सीमित कर दिया गया है। BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि जलाशय के स्तर में इस तरह की कमी का सीधा असर 'उत्तर आंध्र सुजला स्रवंती' परियोजना पर पड़ेगा, जो इस क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल के लिए जीवन रेखा है।
परियोजना के जल स्तर में कटौती न केवल कृषि बल्कि भविष्य के औद्योगिक विकास के लिए भी एक बड़ा खतरा है।
किसानों की दुर्दशा और सरकार की प्राथमिकताएं
अमरनाथ ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर आंध्र के किसान वर्तमान में वर्षा की अनिश्चितता और सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ एक ओर किसान पानी की कमी से परेशान हैं, वहीं मुख्यमंत्री केवल प्रचार कार्यक्रमों और मीडिया इवेंट्स में व्यस्त हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार को केवल श्रेय लेने के बजाय किसानों को वास्तविक राहत प्रदान करने पर ध्यान देना चाहिए।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: पोलवरम का महत्व
पोलवरम परियोजना आंध्र प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य गोदावरी नदी के पानी का उपयोग करके राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों को लाभान्वित करना है। हालांकि, राजनीतिक खींचतान और तकनीकी बदलावों के कारण इसका कार्यान्वयन हमेशा विवादों के घेरे में रहा है।
Frequently Asked Questions
1. गुड़ीवाडा अमरनाथ का मुख्य आरोप क्या है?
उनका मुख्य आरोप है कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पोलवरम परियोजना के कार्यों का अनुचित श्रेय ले रहे हैं जो वास्तव में पिछली सरकारों द्वारा किए गए थे।
2. जल स्तर में कमी का क्या प्रभाव पड़ेगा?
जलाशय के स्तर में कमी से सिंचाई क्षमता कम हो जाएगी और उत्तर आंध्र के पीने के पानी की आपूर्ति पर संकट आ सकता है।