कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई डॉक्टर की बलात्कार और हत्या की घटना के दो साल बाद, अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में भारी बदलाव आए हैं, लेकिन बुनियादी मांगें अब भी अधूरी हैं।

  • आरजी कर अस्पताल में अब CISF के जवान 24x7 तैनात रहते हैं।
  • 800 से अधिक CCTV कैमरों से पूरे परिसर की निगरानी की जा रही है।
  • इमरजेंसी सेवाओं को पुराने भवन से हटाकर ट्रॉमा केयर सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया है।
  • सुरक्षा बढ़ी है, लेकिन डॉक्टरों के लिए बुनियादी सुविधाएं जैसे विश्राम कक्ष अब भी एक मुद्दा हैं।

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दो साल पहले एक 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई वीभत्स बलात्कार और हत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। आज, उस दर्दनाक घटना के दो साल बाद, अस्पताल का परिदृश्य काफी बदल चुका है, लेकिन उस रात की यादें और न्याय की मांग आज भी परिसर की दीवारों में गूंजती है।

सुरक्षा का नया ढांचा

दो साल पहले जहां अस्पताल के कुछ हिस्से अंधेरे और असुरक्षित थे, वहीं अब वहां CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के जवान चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं। अस्पताल के पुराने इमरजेंसी भवन के पास अब कोई 'डार्क स्पॉट' नहीं बचा है। सुरक्षा ग्रिड को तीन आठ-घंटे की शिफ्ट में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रति शिफ्ट 70 से अधिक कर्मी तैनात रहते हैं।

एक वरिष्ठ छात्र ने बताया, "पहले रात के समय यहां से गुजरना बहुत डरावना होता था, लेकिन अब सुरक्षाकर्मी हमारे चेहरों को पहचानते हैं और हम सुरक्षित महसूस करते हैं।" अस्पताल में अब 800 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनका नियंत्रण एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से किया जाता है।

बदलाव और अनसुलझी मांगें

घटना के बाद, अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं को पुराने भवन से हटाकर आधुनिक ट्रॉमा केयर सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया है। अब रात के समय भी यहां अत्यधिक हलचल रहती है और एम्बुलेंस व स्ट्रेचर की आवाजाही निरंतर बनी रहती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आरजी कर मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं थी, बल्कि इसने पश्चिम बंगाल की राजनीति को भी पूरी तरह बदल दिया। इस घटना के बाद हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों ने तत्कालीन टीएमसी सरकार की नींव हिला दी और राज्य में पहली बार भाजपा के सत्ता में आने का मार्ग प्रशस्त किया।

सुरक्षा में तकनीकी और भौतिक सुधार तो हुए हैं, लेकिन चिकित्सा कर्मियों के लिए कार्यस्थल की गरिमा और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना अभी भी एक बड़ी चुनौती है।

हालांकि सुरक्षा में सुधार हुआ है, लेकिन प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाई गई कुछ बुनियादी मांगें—जैसे महिला डॉक्टरों के लिए सुरक्षित विश्राम कक्ष और आधुनिक वॉशरूम—राजनीतिक उथल-पुथल के बीच कहीं दब कर रह गई हैं।

Did You Know?: आरजी कर कांड के बाद 'अभया मंच' बना था, जहां महीनों तक डॉक्टरों ने न्याय के लिए अनशन किया था।

Frequently Asked Questions

1. आरजी कर अस्पताल में सुरक्षा के लिए कौन तैनात है?
वर्तमान में, अस्पताल की सुरक्षा के लिए CISF के जवान तैनात हैं जो 24x7 पहरा देते हैं।

2. क्या अस्पताल में निगरानी के लिए तकनीक का उपयोग किया जा रहा है?
हां, परिसर के लगभग हर कोने पर 800 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं।