एपीसीसी अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधते हुए कहा कि पोलावरम नहर कार्यों का 90% काम उनके पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल में पूरा किया गया था।
- वाईएस शर्मिला ने मुख्यमंत्री नायडू पर पोलावरम नहर कार्यों का गलत तरीके से श्रेय लेने का आरोप लगाया।
- शर्मिला के अनुसार, नहर कार्यों का लगभग 90% हिस्सा वाईएस राजशेखर रेड्डी (YSR) के शासनकाल में पूरा हो चुका था।
- कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्तमान सरकार ने केवल मामूली कार्य किए हैं, जबकि बड़े बुनियादी ढांचे का निर्माण पूर्ववर्ती सरकार ने किया था।
आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) की अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने गुरुवार को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ तीखा हमला बोला। शर्मिला ने आरोप लगाया कि नायडू पोलावरम परियोजना से जुड़े सिंचाई कार्यों का अनुचित श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तव में यह कार्य उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी (YSR) के कार्यकाल के दौरान किए गए थे।
शर्मिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी बात रखते हुए कहा कि नायडू अब खुद को सिंचाई का मसीहा बता रहे हैं, जबकि विपक्ष में रहते हुए उन्होंने 'जलायग्नम' कार्यक्रम का विरोध किया था और पोलावरम परियोजना पर सवाल उठाए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोलावरम सिंचाई प्रणाली की नींव YSR सरकार के दौरान ही रखी गई थी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और विकास
शर्मिला द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, YSR सरकार ने 2004 में प्रशासनिक मंजूरी प्राप्त की थी और 2009 से पहले ही ₹2,680 करोड़ आवंटित कर भूमि अधिग्रहण और प्रमुख नहर कार्यों को गति दे दी थी। उन्होंने दावा किया कि मुख्य बांध के काम में बड़ी प्रगति होने से पहले ही लगभग 90% नहर का काम पूरा हो चुका था।
यह विवाद राज्य की राजनीति में सिंचाई परियोजनाओं के श्रेय को लेकर चल रहे लंबे संघर्ष का हिस्सा है। पोलावरम परियोजना आंध्र प्रदेश के लिए जीवनरेखा मानी जाती है, और इसके नहर नेटवर्क का विकास राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह राजनीतिक टकराव केवल श्रेय लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आगामी चुनावों के लिए किसानों के वोट बैंक को साधने की एक बड़ी रणनीति है। सिंचाई परियोजनाओं का श्रेय लेना सीधे तौर पर ग्रामीण मतदाताओं की भावनाओं से जुड़ा होता है।
'सिंचाई परियोजनाओं का राजनीतिकरण अक्सर वास्तविक विकास के आंकड़ों को छिपा देता है, जिससे जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है।'
शर्मिला ने आगे कहा कि पुरुषोत्तमपट्टनम और पुष्कर लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के माध्यम से जो पानी अब आपूर्ति किया जा रहा है, वह पूरी तरह से YSR के विजन और उनके द्वारा किए गए बुनियादी ढांचे का परिणाम है। वर्तमान सरकार पर केवल मामूली सुधार करने और पूरे नेटवर्क को अपनी उपलब्धि बताने का आरोप लगाया गया है।
Frequently Asked Questions
1. वाईएस शर्मिला का मुख्य आरोप क्या है?
शर्मिला का आरोप है कि चंद्रबाबू नायडू पोलावरम नहर कार्यों का श्रेय ले रहे हैं, जबकि 90% काम उनके पिता YSR के समय हुआ था।
2. पोलावरम परियोजना का महत्व क्या है?
यह परियोजना आंध्र प्रदेश में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा है।