सोमालिया के दक्षिण-पश्चिम राज्य के सबसे बड़े शहर बैदोआ में सशस्त्र समूहों ने हमला किया, जिसे संघीय सेना ने सफलतापूर्वक विफल कर दिया है। राजनीतिक अस्थिरता और अल-शबाब के बढ़ते प्रभाव के बीच यह हमला क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है।
- सोमालियाई सेना ने बैदोआ पर हमला करने वाले दो सशस्त्र समूहों को पीछे धकेला।
- हमला बर्खास्त गवर्नर अब्दियाज़िज़ हसन मोहम्मद लाफ्टागरीन के समर्थकों द्वारा किया गया बताया जा रहा है।
- संघीय सरकार और क्षेत्रीय मिलिशिया के बीच सत्ता संघर्ष जारी है।
- सेना ने हमलावरों पर अल-शबाब के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया है।
सोमालिया के दक्षिण-पश्चिम राज्य के प्रमुख शहर बैदोआ (Baidoa) में गुरुवार सुबह भीषण संघर्ष देखने को मिला। सोमालियाई रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि संघीय सेना ने दो सशस्त्र समूहों द्वारा किए गए एक बड़े हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब देश के भीतर राजनीतिक विभाजन और क्षेत्रीय संघर्ष अपने चरम पर हैं।
रक्षा मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक बयान में कहा गया कि बर्खास्त गवर्नर अब्दियाज़िज़ हसन मोहम्मद लाफ्टागरीन (Abdiaziz Hassan Mohamed Laftagareen) के प्रति वफादार मिलिशिया ने इस हमले की योजना बनाई थी। हमले की शुरुआत धमाकों के साथ हुई, जिसका उद्देश्य नागरिकों में दहशत फैलाना था। हालांकि, सेना ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए हमलावरों को भारी नुकसान पहुँचाया।
राजनीतिक अस्थिरता का गहराता संकट
सोमालिया वर्तमान में एक गंभीर राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। राष्ट्रपति हसन शेख मोहमुद (Hassan Sheikh Mohamud) के नेतृत्व वाली संघीय सरकार को देश के कई राज्यों से कड़ा विरोध झेलना पड़ रहा है। लाफ्टागरीन उन नेताओं में से एक हैं जो राष्ट्रपति के उस प्रस्ताव के खिलाफ हैं जिसमें पारंपरिक कबीलाई बुजुर्गों की भूमिका को कम कर लोकतांत्रिक चुनावों की ओर बढ़ने की बात कही गई है।
मार्च में सरकार ने लाफ्टागरीन को पद से हटाने के लिए सेना भेजी थी, जिसके बाद से संघर्ष की आग सुलग रही है। मई में उन्हें सत्ता वापस लेने का एक असफल प्रयास देखने को मिला था, और अगस्त में भी संघीय और क्षेत्रीय बलों के बीच बैदोआ पर नियंत्रण के लिए झड़पें हुई थीं।
बैदोआ में बढ़ते संघर्ष यह दर्शाते हैं कि सोमालिया में संघीय नियंत्रण और क्षेत्रीय स्वायत्तता के बीच का संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बैदोआ जैसे रणनीतिक शहरों पर नियंत्रण पाने की कोशिशें सोमालिया की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। यदि क्षेत्रीय मिलिशिया और अल-शबाब जैसे आतंकवादी समूह आपस में सहयोग करते हैं, तो यह पूरे हॉर्न ऑफ अफ्रीका की स्थिरता को अस्थिर कर सकता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई घंटों तक चली गोलीबारी और विस्फोटों के कारण शहर में दहशत का माहौल बना रहा। हालांकि, छह घंटे के संघर्ष के बाद स्थिति फिलहाल शांत बताई जा रही है, लेकिन सेना अभी भी हमलावरों के हताहतों की संख्या का आकलन कर रही है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: बैदोआ पर हमला किसने किया?
उत्तर: सोमालियाई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह हमला बर्खास्त गवर्नर लाफ्टागरीन के वफादार मिलिशिया समूहों द्वारा किया गया था।
प्रश्न 2: क्या अल-शबाब इस संघर्ष में शामिल है?
उत्तर: संघीय सरकार ने आरोप लगाया है कि हमला करने वाले सशस्त्र समूह अल-शबाब आतंकवादियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।