अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले डाक मतपत्रों (mail-in ballots) के नियमों को लेकर एक बड़ा कानूनी युद्ध छिड़ गया है। डोनाल्ड ट्रंप के दावों और डाक सेवा (USPS) के नए बदलावों ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली सरकार डाक मतपत्रों की सुरक्षा के लिए नए नियम लागू कर रही है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को इन सुधारों को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है।
  • डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंटहल ने डाक सेवा की योजना को विफल और जोखिम भरा बताया है।

अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले देश एक बड़े कानूनी और राजनीतिक संकट के मुहाने पर खड़ा है। अमेरिकी डाक सेवा (USPS) द्वारा डाक मतपत्रों (mail-in ballots) को विनियमित करने के प्रयासों ने एक ऐसी बहस छेड़ दी है, जो पूरे चुनावी तंत्र को अस्त-व्यस्त कर सकती है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उठाए गए चुनावी धोखाधड़ी के दावों के जवाब में, USPS अब डाक मतपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए कदम उठा रहा है। गौरतलब है कि 2024 के चुनावों में लगभग 4.8 करोड़ मतदाताओं ने डाक के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। आलोचकों का तर्क है कि इन प्रक्रियाओं को सीमित करने से उन समूहों का मताधिकार छिन सकता है जो मतदान के लिए पूरी तरह डाक प्रणाली पर निर्भर हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल प्रक्रिया का मामला नहीं है, बल्कि अमेरिकी लोकतंत्र की विश्वसनीयता का प्रश्न है। अगस्त के अंत में, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को अपने सुधारों के साथ आगे बढ़ने की अनुमति देते हुए एक आपातकालीन अनुरोध स्वीकार कर लिया। इससे उन राज्यों में अनिश्चितता पैदा हो गई है जहां शुरुआती मतदान सितंबर से ही शुरू होने वाला है।

“यह प्रणाली विफल होने के लिए बनाई गई है - और उन लाखों अमेरिकियों के वोट देने के अधिकार को जोखिम में डालती है जो डाक से मतदान करते हैं।” - सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंटहल

ट्रंप लंबे समय से बिना किसी ठोस सबूत के यह दावा करते रहे हैं कि डेमोक्रेटिक पार्टी चुनावों में धांधली कर रही है। उनके दो मुख्य आरोप हैं: पहला, डेमोक्रेटिक राज्यों में गैर-नागरिक मतदान कर रहे हैं, और दूसरा, राज्य डाक मतपत्रों को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं। हालांकि, चुनाव विशेषज्ञों और पूर्व रिपब्लिकन अधिकारियों ने इन दावों को निराधार बताया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और डेटा

डाक मतपत्रों का उपयोग अमेरिका में तेजी से बढ़ा है। 2020 के कोविड-19 महामारी के दौरान, लगभग 43% लोगों ने डाक से मतदान किया था। ओरेगन जैसे राज्यों में तो यह आंकड़ा 99% तक पहुंच जाता है। चूंकि ये राज्य पारंपरिक रूप से डेमोक्रेटिक झुकाव वाले हैं, इसलिए इन नियमों में बदलाव को राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

वर्षडाक मतपत्रों का प्रतिशतमुख्य कारण
202043%कोविड-19 महामारी
202430%सामान्य चुनावी प्रक्रिया

ट्रंप के कार्यकारी आदेश के अनुसार, अब डाक सेवा उन व्यक्तियों को मतपत्र नहीं भेजेगी जो राज्य-विशिष्ट 'पात्र मतदाता सूची' में नामांकित नहीं हैं। इस नए सिस्टम में बारकोड ट्रैकिंग भी शामिल होगी।

Did You Know?: अमेरिका के कुछ राज्यों जैसे ओरेगन और वाशिंगटन में, लगभग 90% से अधिक मतदाता डाक मतपत्रों का उपयोग करते हैं।

Frequently Asked Questions

1. डाक मतपत्र विवाद का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण ट्रंप प्रशासन द्वारा चुनावी धोखाधड़ी रोकने के नाम पर डाक मतपत्रों के वितरण और सुरक्षा के नियमों में किए जा रहे कड़े बदलाव हैं।

2. क्या इससे मतदान प्रभावित होगा?
हाँ, आलोचकों का मानना है कि नए नियमों से उन मतदाताओं को परेशानी हो सकती है जो डाक के माध्यम से वोट देने के आदी हैं।