अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान अमेरिकी सैनिकों की मौतों के बारे में गलत बयान देने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अनजाने में वेनेजुएला के सैन्य अभियान के साथ भ्रमित हो गए थे।
- हॉवर्ड लुटनिक ने ईरान युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौतों को नकारने के बाद माफी मांगी।
- वास्तव में फरवरी से अब तक 18 अमेरिकी सैन्य कर्मी मारे जा चुके हैं।
- लुटनिक ने कहा कि वे वेनेजुएला के सैन्य ऑपरेशन के साथ भ्रमित हो गए थे।
अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने गुरुवार को एक सार्वजनिक माफी जारी की, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ जारी संघर्ष के दौरान अमेरिकी नागरिकों या सैनिकों की मौत न होने के अपने पिछले गलत दावे को स्वीकार किया। लुटनिक ने यह विवादास्पद बयान सीएनबीसी (CNBC) को दिए एक साक्षात्कार के दौरान दिया था, जहाँ वे प्रशासन की नीतियों का बचाव कर रहे थे।
लुटनिक ने अपने बयान में कहा था, "राष्ट्रपति जिस तरह से ईरान को संभाल रहे हैं, उसमें कोई अमेरिकी मौत नहीं हुई है। यह वास्तव में केवल एक आर्थिक घेराबंदी है जिसे प्रशासन अब व्यापक रूप से लागू कर रहा है।" हालांकि, आधिकारिक आंकड़े इस दावे के बिल्कुल विपरीत हैं। फरवरी में ईरान पर अमेरिकी हमले की शुरुआत के बाद से अब तक 18 अमेरिकी सेवा सदस्यों की जान जा चुकी है और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं।
गलती का कारण और स्पष्टीकरण
गुरुवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए, लुटनिक ने स्वीकार किया कि उन्होंने "गलत शब्द" का प्रयोग किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ईरान में चल रहे छह महीने के युद्ध को प्रशासन के वेनेजुएला में हुए कुछ घंटों के आक्रमण के साथ मिला रहे थे। लुटनिक ने लिखा, "मैं वेनेजुएला के सैन्य ऑपरेशन के बारे में सोच रहा था जहाँ कोई सेवा सदस्य नहीं मरा था।"
लुटनिक ने मारे गए सैनिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जाने से उनका दिल टूट गया है। इस घटना के तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी 'ट्रुथ सोशल' पर इस मामले को स्पष्ट करने की कोशिश की, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ईरान में 18 लोगों की मौत हुई है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि इस तरह की चूक केवल एक बयानबाजी की गलती नहीं है, बल्कि यह प्रशासन द्वारा युद्ध में होने वाले मानवीय नुकसान के पारदर्शी संचार पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब शीर्ष स्तर के अधिकारी सैन्य हताहतों की संख्या को कम करके आंकते हैं, तो इससे जनता का भरोसा और सैन्य मनोबल दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
युद्ध के दौरान हताहतों की संख्या के बारे में गलत सूचना देना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति पारदर्शिता के सिद्धांतों का भी उल्लंघन है।
गौरतलब है कि इस प्रशासन को पहले भी ईरान युद्ध में मारे गए और घायल हुए लोगों के आंकड़ों को सार्वजनिक करने के तरीके पर आलोचना का सामना करना पड़ा है। जुलाई में रक्षा विभाग की वेबसाइट से कुछ मौतों के आंकड़ों के गायब होने के बाद से संदेह और गहरा गया है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पहले मीडिया कवरेज की आलोचना करते हुए कहा था कि छोटी घटनाओं को भी बहुत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: हॉवर्ड लुटनिक ने वास्तव में क्या गलत कहा था?
उत्तर: उन्होंने दावा किया था कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध में कोई अमेरिकी नहीं मरा है, जबकि वास्तव में 18 सैनिक मारे जा चुके हैं।
प्रश्न 2: लुटनिक ने अपनी गलती का क्या कारण बताया?
उत्तर: उन्होंने कहा कि वे ईरान के युद्ध को वेनेजुएला के सैन्य ऑपरेशन के साथ भ्रमित कर गए थे, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ था।