मैरीलैंड के एक संघीय न्यायाधीश ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी है जो जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने की कोशिश कर रहा था। सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसले का हवाला देते हुए अदालत ने इसे असंवैधानिक करार दिया है।

  • मैरीलैंड के संघीय न्यायाधीश डेबोरा बोर्डमैन ने ट्रम्प के नए कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही 'बारबरा बनाम ट्रम्प' मामले में जन्मसिद्ध नागरिकता को संवैधानिक माना है।
  • ट्रम्प का नया आदेश 'बर्थ टूरिज्म' को रोकने के नाम पर विदेशी नागरिकों के बच्चों की नागरिकता छीनने का प्रयास था।

संयुक्त राज्य अमेरिका में एक बड़ा कानूनी मोड़ आया है। मैरीलैंड के जिला न्यायाधीश डेबोरा बोर्डमैन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस नवीनतम कार्यकारी आदेश पर प्रारंभिक रोक (preliminary injunction) लगा दी है, जिसका उद्देश्य जन्मसिद्ध नागरिकता (birthright citizenship) के प्रावधान को कम करना था। यह निर्णय तब आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही ट्रम्प के पिछले प्रयासों को असंवैधानिक घोषित कर दिया था।

कानूनी संघर्ष की जड़ें

ट्रम्प का यह नया आदेश, जो 6 अगस्त को जारी किया गया था, मुख्य रूप से 'बर्थ टूरिज्म' (birth tourism) को लक्षित करता था। प्रशासन का तर्क था कि जो लोग नागरिकता प्राप्त करने के लिए जानबूझकर विदेशी धरती पर जन्म लेने की प्रक्रिया अपनाते हैं, उनके बच्चों को नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए। इस आदेश में उन बच्चों को नागरिकता से वंचित करने का प्रयास किया गया था जिनके माता-पिता को 'एलीयन एनिमी' (alien enemy) के रूप में वर्गीकृत किया गया था या जो नागरिकता के लिए वाणिज्यिक लेनदेन में शामिल थे।

सुप्रीम कोर्ट का निर्णायक रुख

न्यायाधीश बोर्डमैन ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यह आदेश लगभग निश्चित रूप से असंवैधानिक है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जून महीने के ऐतिहासिक फैसले 'बारबरा बनाम ट्रम्प' का हवाला दिया, जिसमें 6-3 के बहुमत से यह निर्णय लिया गया था कि 14वें संशोधन के तहत जन्मसिद्ध नागरिकता सुरक्षित है। अदालत ने कहा कि चूंकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही यह तय कर चुका है कि संबंधित वर्ग के बच्चे जन्म से ही नागरिक हैं, इसलिए राष्ट्रपति के इस नए प्रयास को लागू नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्पष्ट है: जन्मसिद्ध नागरिकता अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन का एक अटूट हिस्सा है।

BozokMedia विश्लेषण: क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह मामला केवल नागरिकता का नहीं, बल्कि अमेरिकी संविधान की व्याख्या का है। ट्रम्प प्रशासन का तर्क रहा है कि अस्थायी या अवैध प्रवासियों के बच्चे अमेरिकी 'क्षेत्राधिकार' के अधीन नहीं आते, इसलिए वे नागरिकता के हकदार नहीं हैं। हालांकि, US v. Wong Kim Ark जैसे ऐतिहासिक मामलों ने दशकों से इस सिद्धांत को मजबूती दी है। यह निर्णय दर्शाता है कि कार्यकारी आदेशों के माध्यम से संवैधानिक अधिकारों को आसानी से नहीं बदला जा सकता।

यह कानूनी चुनौती अप्रवासी अधिकार अधिवक्ताओं और Asylum Seeker Advocacy Project जैसे समूहों द्वारा पेश की गई थी। पिछले वर्ष भी इसी तरह की जीत हासिल हुई थी, जिससे प्रशासन को उनके पहले कार्यकारी आदेश को लागू करने से रोका गया था।

Did You Know?: अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन यह सुनिश्चित करता है कि अमेरिका में पैदा होने वाले लगभग सभी व्यक्ति, चाहे उनके माता-पिता की स्थिति कुछ भी हो, स्वतः नागरिक बन जाते हैं।

Frequently Asked Questions

1. जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) क्या है?
यह वह सिद्धांत है जिसके तहत अमेरिका की धरती पर पैदा होने वाले किसी भी व्यक्ति को स्वतः अमेरिकी नागरिकता प्राप्त हो जाती है, सिवाय राजनयिकों या आक्रमणकारी सेनाओं के बच्चों के।

2. न्यायाधीश बोर्डमैन ने आदेश को क्यों रोका?
न्यायाधीश ने कहा कि ट्रम्प का आदेश सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसले का उल्लंघन करता है, जिसने जन्मसिद्ध नागरिकता को संवैधानिक अधिकार माना है।