JKLF प्रमुख यासीन मलिक ने कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट की हत्या में अपनी संलिप्तता से इनकार करते हुए SIA की चार्जशीट को राजनीति से प्रेरित बताया है। मलिक ने दावा किया कि वह उस समय कोमा में थे और उन्हें इस हत्या के बारे में महीनों बाद पता चला।

  • यासीन मलिक ने सरला भट हत्याकांड में अपनी संलिप्तता से पूरी तरह इनकार किया है।
  • मलिक का दावा है कि अप्रैल 1990 में हुई इस घटना के समय वह गंभीर रूप से घायल थे और कोमा में थे।
  • SIA की 737 पन्नों की चार्जशीट में मलिक को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
  • मलिक ने कहा कि उन्हें इस हत्या की जानकारी फरवरी 1991 में हुई थी।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व अलगाववादी नेता और JKLF प्रमुख यासीन मलिक ने कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट की हत्या के मामले में अपनी भूमिका से इनकार कर दिया है। तिहाड़ जेल में बंद मलिक ने श्रीनगर की एक विशेष अदालत में हलफनामा दायर कर राज्य जांच एजेंसी (SIA) द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

SIA ने अपनी 737 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट में आरोप लगाया था कि सरला भट की हत्या इस धारणा के तहत की गई थी कि वह सुरक्षा बलों को जानकारी दे रही थीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मलिक ने कहा कि इस तरह के सवाल पूछना मृतक की स्मृति के लिए अपमानजनक है। उन्होंने तर्क दिया कि सरला भट का परिवार घाटी में ही रहना चाहता था, जो इस धारणा को गलत साबित करता है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला जम्मू-कश्मीर के 'विरासत आतंकवाद' (legacy terror crimes) के सबसे संवेदनशील पहलुओं में से एक है। सरला भट की हत्या 1990 के दशक की शुरुआत में घाटी में व्याप्त अस्थिरता और कश्मीरी पंडितों के पलायन के दौर की एक दुखद घटना है। यह मामला न केवल कानूनी है, बल्कि कश्मीर के सामाजिक ताने-बाने और ऐतिहासिक न्याय की मांग से भी जुड़ा है।

'मलिक का दावा है कि वह उस समय जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे थे, जो अभियोजन पक्ष के आरोपों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।'

मलिक ने अपने हलफनामे में विस्तार से बताया कि 8 अप्रैल 1990 को एक मुठभेड़ के दौरान वह पांचवीं मंजिल से कूद गए थे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कहा कि वह कई दिनों तक कोमा में रहे और उस दौरान उन्हें दो बार मृत घोषित भी किया गया था। ऐसे में, उनका उस अपराध में शामिल होना असंभव है जिसका आरोप उन पर लगाया जा रहा है।

मलिक ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें इस हत्या के बारे में पहली बार फरवरी 1991 में पता चला था। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। इसके साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान में रह रही अपनी पत्नी और बेटी के लिए एक भावुक संदेश भी साझा किया, जिसमें उन्होंने उन्हें गरिमा के साथ नया जीवन शुरू करने का आग्रह किया।

Did You Know?: सरला भट की हत्या को कश्मीर में आतंकवाद के शुरुआती दौर की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक माना जाता है।

Frequently Asked Questions

1. SIA की चार्जशीट में क्या आरोप है?
SIA का आरोप है कि यासीन मलिक ने सरला भट के अपहरण और हत्या की साजिश रची थी।

2. यासीन मलिक वर्तमान में कहाँ हैं?
यासीन मलिक वर्तमान में दिल्ली की तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।