उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने आंध्र पेपर लिमिटेड (APL) द्वारा गोदावरी नदी में भारी मात्रा में प्रदूषक छोड़ने और करोड़ों रुपये का टैक्स चोरी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने APPCB को कंपनी का लाइसेंस रद्द करने और परिचालन रोकने की चेतावनी दी है।

  • आंध्र पेपर लिमिटेड (APL) पर गोदावरी नदी को प्रदूषित करने का गंभीर आरोप।
  • कंपनी द्वारा शहर के कुल तरल कचरे का लगभग आधा हिस्सा अकेले पैदा करने का दावा।
  • 2016 से स्थानीय निकायों को ₹21.34 करोड़ का टैक्स न देने का आरोप।
  • APPCB को लाइसेंस रद्द करने और परिचालन रोकने के निर्देश।

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के. पवन कल्याण ने शुक्रवार को एक कड़ा रुख अपनाते हुए आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (APPCB) को आंध्र पेपर लिमिटेड (APL) के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई राजामहेंद्रवरम में पवित्र गोदावरी नदी में अपशिष्ट पदार्थ छोड़ने और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के संबंध में की गई है।

पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कंपनी को संबोधित करते हुए कहा कि जून में उनके पिछले दौरे के दौरान पाई गई खामियों के लिए सख्त कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ तो उद्योग का संचालन रोका जा सकता है, जुर्माना लगाया जा सकता है, और यहाँ तक कि कंपनी की संपत्ति जब्त कर लाइसेंस भी तुरंत रद्द किया जा सकता है।

प्रदूषण का भयावह स्तर

उपमुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राजामहेंद्रवरम शहर में होने वाले कुल प्रदूषण का लगभग आधा हिस्सा अकेले APL से आता है। जहाँ पूरा शहर प्रतिदिन लगभग 75 मिलियन लीटर तरल कचरा उत्पन्न करता है, वहीं APL अकेले 35 मिलियन लीटर प्रदूषित कचरा छोड़ रहा है, जो निर्धारित सीमाओं से कहीं अधिक है।

जांच के दौरान, कंपनी द्वारा छोड़े गए लैगून में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) का स्तर 36 मिलीग्राम प्रति लीटर पाया गया, जो मानक से 20% अधिक है। इसके अलावा, फॉस्फेट का स्तर भी निर्धारित सीमा से 6% अधिक दर्ज किया गया है, जो नदी के जलीय जीवन के लिए एक गंभीर खतरा है।

गोदावरी की प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र खतरे में है, जिससे न केवल जलीय जीवन बल्कि आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य भी संकट में है।

क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल पर्यावरण संरक्षण का नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट जवाबदेही और सरकारी शासन का भी है। एक तरफ जहाँ औद्योगिक विकास आवश्यक है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक संसाधनों की बलि देकर किया गया विकास टिकाऊ नहीं हो सकता। पवन कल्याण की यह कार्रवाई राज्य में 'स्वच्छ गोदावरी - पवित्र पुष्करम' पहल के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

टैक्स चोरी का गंभीर आरोप

पर्यावरण प्रदूषण के अलावा, पवन कल्याण ने कंपनी पर वित्तीय अनियमितताओं का भी आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि आंध्र पेपर लिमिटेड ने 2016 से कथेरू ग्राम पंचायत और राजामहेंद्रवरम नगर निगम को ₹21.34 करोड़ का टैक्स नहीं दिया है और कानूनी प्रक्रियाओं का सहारा लेकर भुगतान से बच रही है।

Did You Know?: गोदावरी नदी को दक्षिण भारत की 'गंगा' माना जाता है और इसका पारिस्थितिकी तंत्र लाखों लोगों की आजीविका और धार्मिक आस्था से जुड़ा है।

Frequently Asked Questions

1. पवन कल्याण ने APPCB को क्या निर्देश दिए हैं?
उन्होंने निर्देश दिया है कि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत APL के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिसमें परिचालन रोकना और लाइसेंस रद्द करना शामिल है।

2. कंपनी पर टैक्स चोरी का कितना आरोप है?
कंपनी पर 2016 से स्थानीय निकायों को ₹21.34 करोड़ का टैक्स न देने का आरोप है।