ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) लागू होने के एक साल बाद भी शहर की महत्वपूर्ण विकास और योजना बनाने वाली संस्थाएं जैसे आर्थिक विकास एजेंसी और BMPC अभी तक कार्यात्मक नहीं हो पाई हैं।

  • GBA के लागू होने के एक साल बाद भी बेंगलुरु में प्रमुख योजना और आर्थिक विकास संस्थाएं अनुपस्थित हैं।
  • नगर निगमों को कर्मचारियों, कार्यालयों और धन की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
  • स्थानीय चुनावों में देरी के कारण वार्ड समितियों का गठन नहीं हो सका है, जिससे नागरिक भागीदारी बाधित है।
  • नियोजन व्यवस्था के केंद्रीकरण से पर्यावरण और बुनियादी ढांचे पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

बेंगलुरु में ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के प्रभावी होने के एक वर्ष बाद भी, शहर का प्रशासनिक ढांचा अधूरा और संकट में नजर आ रहा है। हालांकि शहर में पांच अलग-अलग कमिश्नरों के नेतृत्व में नगर निगम हैं, लेकिन वे संस्थागत ढांचे की कमी से जूझ रहे हैं जो इस नए शासन मॉडल को सफल बनाने के लिए आवश्यक था।

विकास और नियोजन में बड़ी बाधाएं

रिपोर्ट के अनुसार, आर्थिक विकास एजेंसी (Economic Development Agency) और बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग कमेटी (BMPC) जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं अभी तक पूरी तरह से कार्यात्मक नहीं हो पाई हैं। GBA अधिनियम के तहत, निवेश आकर्षित करने और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक वर्ष के भीतर आर्थिक विकास एजेंसी का गठन किया जाना था, जो अभी भी लंबित है।

BMPC का मुख्य उद्देश्य विभिन्न स्तरों पर योजनाओं को एकीकृत करना और बेंगलुरु महानगरीय क्षेत्र के लिए एक व्यापक विकास योजना तैयार करना था। इसके अभाव में, नियोजन प्रक्रिया का केंद्रीकरण हो गया है, जिससे स्थानीय स्तर की जरूरतों की अनदेखी होने का खतरा बढ़ गया है।

नियोजन कार्यों का केंद्रीकरण स्थानीय स्वायत्तता और प्रभावी शहरी विकास के लिए एक गंभीर चुनौती है।

नागरिक भागीदारी का अभाव

नगर निगमों के चुनावों में बार-बार होने वाली देरी ने वार्ड समितियों के गठन को रोक दिया है। वार्ड समितियां स्थानीय कार्यों की निगरानी और नागरिक भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण तंत्र हैं। नागरिक कार्यकर्ता कैथयायिनी चमारज का कहना है कि निर्वाचित निकायों की अनुपस्थिति में, केवल नोडल अधिकारियों की नियुक्ति से वास्तविक जन-भागीदारी सुनिश्चित नहीं की जा सकती।

पर्यावरण और बुनियादी ढांचे पर प्रभाव

IISc सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन लैब (IST Lab) के संयोजक आशीष वर्मा ने चेतावनी दी है कि एक व्यापक मास्टर प्लान के बिना, शहर में बड़े बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स (जैसे टनल और एलिवेटेड कॉरिडोर) बिना किसी समग्र मूल्यांकन के किए जा रहे हैं। इससे पारिस्थितिकी और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति हो रही है।

Did You Know?: बेंगलुरु में शहरी नियोजन के लिए अब 2047 के विजन के साथ एक नया GIS-आधारित मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: GBA का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य बेंगलुरु के शहरी शासन को सुव्यवस्थित करना और महानगरीय क्षेत्र के विकास के लिए एक एकीकृत ढांचा प्रदान करना है।

प्रश्न 2: वार्ड समितियों का क्या महत्व है?
उत्तर: वार्ड समितियां स्थानीय स्तर पर नागरिकों को शासन में भाग लेने और अपने क्षेत्र के कार्यों की निगरानी करने का अधिकार देती हैं।