दिल्ली में विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) के तहत 33 लाख मतदाताओं को दस्तावेज़ सत्यापन के लिए केवल अंग्रेजी में नोटिस भेजे जाएंगे। यह निर्णय चुनाव आयोग की भाषा नीति और स्थानीय अधिकारियों की चुनौतियों को उजागर करता है।

  • 33 लाख मतदाता केवल अंग्रेजी में नोटिस प्राप्त करेंगे
  • 19.33 लाख नाम विसंगति वाले, 13.79 लाख अनमैप्ड
  • चुनाव आयोग ने भाषा विकल्प में अंग्रेजी को प्राथमिकता दी

पृष्ठभूमि

दिल्ली में चल रहे विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) ड्राइव के हिस्से के रूप में, ड्राफ्ट मतदाता सूची में 97.56 लाख नामों में से 33 लाख लोगों को उनके नाम के साथ अंकित अनियमितताओं या ‘अनमैप्ड’ स्थिति के कारण सत्यापन नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया चुनावी डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

भाषा चयन का कारण

डिप्टी चीफ़ इलेक्टोरल ऑफिसर प्रशांत कुमार ने कहा कि "इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया ने हमें अंग्रेजी और हिंदी में नोटिस जारी करने का विकल्प दिया, लेकिन हमने अंग्रेजी को चुना"। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ब्लॉ (BLO) को नोटिस की व्याख्या मतदाता की पसंदीदा भाषा में करने को कहा गया है।

ब्लॉ की भूमिका और चुनौतियाँ

मेहरौली के एक सुपरवाइज़र BLO ने बताया कि "हमारा काम पहले से ही अंग्रेजी में एन्क्यूमरेशन फॉर्म भरना था, यदि नोटिस भी हिंदी में होते तो काम आसान होता, क्योंकि हमारे क्षेत्र के अधिकांश लोग केवल हिंदी बोलते हैं और कई प्रवासी कामगार हैं।" BLO मुख्यतः सरकारी स्कूल शिक्षक, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता होते हैं।

कानूनी ढांचा

इलेक्शन कमीशन के दिशा-निर्देश राज्यों को जनसंख्या और क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर भाषा चुनने का अधिकार देते हैं। कर्नाटक में नोटिस कन्नड़, अंग्रेजी, उर्दू और मराठी में जारी होते हैं, जबकि दिल्ली में CEO अशोक कुमार ने केवल अंग्रेजी में स्पष्टिकरण नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

प्रक्रिया और समयसीमा

नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को उत्पन्न होने की तिथि से सात दिन में जवाब देना होगा। BLO नोटिस में कारण और आवश्यक दस्तावेज़ों का उल्लेख करेगा और मतदाता को निर्दिष्ट ईआरओ या सहायक ईआरओ के सामने उपस्थित होने का निर्देश देगा। नोटिस डिलीवरी का प्रमाण BLO ऐप में अपलोड किया जाएगा और सभी आपत्तियों का निपटारा 29 अक्टूबर तक किया जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that language choice in electoral communications can directly affect voter participation rates, especially among migrant and low‑literacy populations, potentially influencing future election outcomes in the capital.

"भाषा चयन का असर मतदाता भागीदारी पर पड़ता है," कहते हैं चुनाव विशेषज्ञ डॉ. राजेश शर्मा।
Did You Know?: दिल्ली में पहले भी 1990 के दशक में मतदाता सूचियों में कई भाषाओं का प्रयोग हुआ था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या हिंदी में नोटिस की मांग की जा सकती है?
उत्तर: वर्तमान में दिल्ली CEO ने केवल अंग्रेजी में नोटिस जारी करने का आदेश दिया है, पर BLO स्थानीय भाषा में स्पष्टीकरण दे सकते हैं।

प्रश्न 2: यदि मतदाता ऑनलाइन दस्तावेज़ जमा करता है तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना आवश्यक है?
उत्तर: अधिकारी इस बात की समीक्षा कर रहे हैं कि ऑनलाइन दस्तावेज़ जमा करने वाले मतदाताओं के लिए शारीरिक उपस्थिति वैकल्पिक हो सकती है।