68 वर्षीय दिल्ली के व्यवसायी महेश भागचंद्का को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। उनका व्यापारिक समूह M2K विभिन्न रियल एस्टेट और मल्टीप्लेक्स प्रोजेक्ट्स में सक्रिय है, और वे संगग़ परिवार के करीबी हैं। यह नियुक्ति ट्रस्ट की नई नेतृत्व टीम में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • महेश भागचंद्का को कोषाध्यक्ष बनाया गया
  • M2K ग्रुप के सीईओ, रियल एस्टेट और मल्टीप्लेक्स में प्रमुख
  • संगग़ परिवार और आशोक सिंघल फाउंडेशन से घनिष्ठ संबंध

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने नई नेतृत्व टीम के साथ एक नया अध्याय शुरू किया है, जिसमें 68 वर्षीय दिल्ली व्यवसायी महेश भागचंद्का को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह कदम ट्रस्ट को दान चोरी के विवाद से आगे बढ़ाने का प्रयास है।

भागचंद्का M2K ग्रुप के सीईओ हैं, जो गुरुग्राम, दिल्ली और धरुहेरा में आवासीय अपार्टमेंट, शॉपिंग आर्केड और कॉरपोरेट पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स का निर्माण करता है। समूह बायोलॉजिकल, रियल एस्टेट और मल्टीप्लेक्स जैसे "सनराइज़ सेक्टर्स" में निवेश करता है।

कॉलकाता में 1 अगस्त 1958 को जन्मे भागचंद्का ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से बीकॉम किया। उन्होंने 222 स्थानों पर राम स्तम्भ स्थापित करने और राम मंदिर भूमिपुजन एवं प्रतिपूर्ति समारोहों में यज्ञकर्ता के रूप में भाग लिया।

उनके संगग़ परिवार के साथ दीर्घकालिक संबंध हैं; विश्व हिन्दु परिषद (VHP) के नेता आशोक सिंघल उनके मेंटर रहे हैं। 2015 में सिंघल की जीवनी के प्रकाशन समारोह में तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह और आरएसएस के महासंचालक मोहन भागवत उपस्थित थे, जहाँ भागचंद्का ने अपने मेंटर को सम्मानित किया।

"श्री आशोक सिंघल के योगदान वर्तमान VHP संरचना में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं," भागचंद्का ने कहा। उन्होंने 1991 की बोट क्लब अभियान का उल्लेख किया, जिसमें 25 लाख लोग भाग लेकर राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था।

Historical Background

राम जन्मभूमि विवाद 1992 में बाबरी मस्जिद के ध्वंस के बाद से भारतीय राजनीति और सामाजिक ताने-बाने में गहरा असर रखता आया है। 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने विवादित भूमि को राम मंदिर निर्माण के लिए सौंप दिया, जिससे इस क्षेत्र में कई ट्रस्ट और फाउंडेशन स्थापित हुए।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that भागचंद्का का कोषाध्यक्ष पद पर चयन ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता और राजनीतिक समर्थन को मजबूत करने की रणनीति को दर्शाता है, जिससे आगामी मंदिर निर्माण कार्य में गति मिल सकती है।

"कोषाध्यक्ष की भूमिका केवल लेखा‑जोखा नहीं, बल्कि विश्वास का प्रतीक भी है," वित्त विशेषज्ञ डॉ. अंजली मेहरा ने कहा।
Did You Know?: राम मंदिर ट्रस्ट ने 2024 में पहली बार डिजिटल दान प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया, जिससे दान में 30% की वृद्धि हुई।

Frequently Asked Questions

Q1: महेश भागचंद्का की व्यापारिक पृष्ठभूमि ट्रस्ट के काम को कैसे प्रभावित करेगी?

A: उनका रियल एस्टेट अनुभव ट्रस्ट के बुनियादी ढाँचे के विकास और निवेश प्रबंधन में मदद कर सकता है।

Q2: क्या उनका संगग़ परिवार से जुड़ाव ट्रस्ट की धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित करेगा?

A: विशेषज्ञों का मानना है कि यह संबंध ट्रस्ट को राजनैतिक समर्थन प्रदान कर सकता है, परन्तु वित्तीय पारदर्शिता को बनाए रखना आवश्यक रहेगा।