राजस्व मंत्री के.ए. सेंगोट्टायन ने तमिलनाडु में ₹1,200 करोड़ की नई सचिवालय परियोजना का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की बढ़ती प्रशासनिक मांगों को पूरा करने के लिए एक आधुनिक बुनियादी ढांचे की तत्काल आवश्यकता है।

  • तमिलनाडु सरकार ₹1,200 करोड़ की लागत से नया सचिवालय बनाने की योजना बना रही है।
  • मंत्री सेंगोट्टायन ने कहा कि राज्य की बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा अनिवार्य है।
  • पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता और करुणानिधि दोनों के कार्यकाल में सचिवालय से जुड़े महत्वपूर्ण प्रयास किए गए थे।

तमिलनाडु के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री के.ए. सेंगोट्टायन ने शुक्रवार को कोयंबटूर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा घोषित ₹1,200 करोड़ की नई सचिवालय परियोजना का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि तमिलनाडु की शासन व्यवस्था और विस्तार को देखते हुए एक आधुनिक प्रशासनिक परिसर का होना अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन गया है।

सेंगोट्टायन ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि यह कोई नया विचार नहीं है। उन्होंने उल्लेख किया कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जे. जयललिता ने भी एक नया सचिवालय स्थापित करने का प्रयास किया था। इसके साथ ही, उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एम. करुणानिधि के कार्यकाल के दौरान निर्मित सचिवालय परिसर को बाद में एक मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में बदल दिया गया था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तमिलनाडु जैसे तेजी से बढ़ते राज्य के लिए, जहां डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक दक्षता पर जोर दिया जा रहा है, पुराना बुनियादी ढांचा बाधा बन सकता है। कर्नाटक जैसे पड़ोसी राज्यों के प्रशासनिक मॉडल का उदाहरण देते हुए, सेंगोट्टायन ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु को भी एक विश्वस्तरीय प्रशासनिक केंद्र की आवश्यकता है ताकि सरकारी सेवाओं का वितरण सुचारू रूप से हो सके।

तमिलनाडु की बढ़ती अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक जटिलताओं को देखते हुए, एक नया सचिवालय केवल एक इमारत नहीं बल्कि भविष्य की शासन व्यवस्था की नींव है।

विधानसभा के नियम 110 के तहत की गई घोषणाओं पर विपक्ष के नेतृत्व सीमन की आलोचना का जवाब देते हुए, सेंगोट्टायन ने कहा कि यह एक स्थापित परंपरा है जिसका पालन विभिन्न सरकारों द्वारा परिस्थितियों के अनुसार किया जाता रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा में मुख्यमंत्री की ओर से मंत्रियों द्वारा प्रश्नों का उत्तर देना एक सामान्य प्रक्रिया है और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है।

राजनीतिक हलचलों पर टिप्पणी करते हुए, उन्होंने कहा कि तमिलगा वेट्री कलगम (TVK) को जनता से मजबूत जनादेश मिला है और मुख्यमंत्री विजय वर्तमान में राज्य के कल्याणकारी कार्यों और विकास योजनाओं को तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तमिलनाडु में सचिवालय के बुनियादी ढांचे का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है। पिछले दशकों में, विभिन्न राजनीतिक दलों ने प्रशासनिक केंद्र के रूप में अपनी दृष्टि प्रस्तुत की है। जहाँ एक ओर पुराने परिसरों का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किया गया, वहीं दूसरी ओर आधुनिक तकनीक से लैस नए परिसरों की मांग निरंतर बनी रही है।

Did You Know?: तमिलनाडु का प्रशासनिक ढांचा भारत के सबसे जटिल और सुव्यवस्थित प्रणालियों में से एक माना जाता है, जो निरंतर विस्तार कर रहा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: नई सचिवालय परियोजना की अनुमानित लागत क्या है?
उत्तर: इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,200 करोड़ है।

प्रश्न 2: सेंगोट्टायन ने किन पूर्व मुख्यमंत्रियों का उल्लेख किया?
उत्तर: उन्होंने स्वर्गीय जे. जयललिता और स्वर्गीय एम. करुणानिधि के प्रयासों का उल्लेख किया।