ट्रंप प्रशासन ने स्मिथसोनियन संस्थान पर संघीय भेदभाव कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सहायता वापस लेने की धमकी दी है। प्रशासन का कहना है कि संस्थान 'सोशल जस्टिस' और 'वोक' विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग कर रहा है।
- ट्रंप प्रशासन ने स्मिथसोनियन पर संघीय भेदभाव कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
- प्रशासन ने संस्थान की 'वोक' विचारधारा और 'सोशल जस्टिस' एजेंडे को हटाने की चेतावनी दी है।
- यदि सुधार नहीं हुआ, तो संघीय सहायता और सहयोग वापस लिया जा सकता है।
- आगामी बोर्ड नियुक्तियों के माध्यम से प्रशासन का प्रभाव बढ़ सकता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्तंभ, स्मिथसोनियन संस्थान, इस समय एक अभूतपूर्व राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में एक आधिकारिक पत्र जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि संस्थान ने अपनी कार्यप्रणाली और विचारधारा में तत्काल सुधार नहीं किया, तो सरकार उसकी सहायता और सहयोग वापस ले सकती है। आंतरिक विभाग (DOI) द्वारा जारी इस पत्र में गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि स्मिथसोनियन का नेतृत्व संघीय भेदभाव विरोधी कानूनों का उल्लंघन कर रहा है।
प्रशासन का दावा है कि संस्थान के भीतर एक ऐसी कार्य संस्कृति विकसित हो गई है जो नस्ल, जातीयता और अन्य संरक्षित विशेषताओं के आधार पर अवसरों और धन का आवंटन करती है। फॉक्स न्यूज की एक जांच के अनुसार, संस्थान के कई प्रमुख अधिकारी 'विविधता, इक्विटी और समावेशन' (DEI) के प्रबल समर्थक रहे हैं, जिसे ट्रंप प्रशासन ने नस्लीय रूप से भेदभावपूर्ण माना है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह लड़ाई केवल एक संग्रहालय के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस बात पर नियंत्रण की लड़ाई है कि अमेरिकी इतिहास को आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसे प्रस्तुत किया जाएगा। यदि सरकार स्मिथसोनियन के वित्तीय और प्रशासनिक ढांचे को प्रभावित करने में सफल होती है, तो यह अमेरिकी सांस्कृतिक संस्थानों के संचालन के तरीके में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
स्मिथसोनियन को 'सोशल जस्टिस' के उपकरण के रूप में उपयोग करना अमेरिकी इतिहास के प्रति नागरिकों के विश्वास को तोड़ रहा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर स्मिथसोनियन को 'आउट ऑफ कंट्रोल' और 'वोक' करार देते हुए कड़ी आलोचना की है। 2025 में हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से, प्रशासन ने अधिकारियों को संग्रहालयों से 'अनुचित विचारधारा' को हटाने का निर्देश दिया है। इस विवाद का केंद्र नेशनल म्यूजियम ऑफ अमेरिकन हिस्ट्री है, जिसे आलोचकों ने 'विचारधारात्मक रूप से कब्जाया हुआ' बताया है।
विवाद के पीछे का एक मुख्य कारण संग्रहालय की शिक्षण सामग्री और प्रदर्शनियाँ हैं। फॉक्स न्यूज के अनुसार, संग्रहालय की निदेशक एंथिया हार्टिग ने ऐसी सामग्रियों का समर्थन किया है जिन्हें रूढ़िवादी नेता 'विभाजनकारी' मानते हैं। इसमें कथित तौर पर 'प्रगतिशील एजेंडा' को बढ़ावा देने वाली प्रदर्शनियों और ऐतिहासिक तथ्यों के चयनात्मक प्रस्तुतीकरण का आरोप लगाया गया है।
आगामी महीनों में, इस संघर्ष का एक नया मोड़ आ सकता है क्योंकि संस्थान के बोर्ड ऑफ रीजेंट्स में चार रिक्तियां होने वाली हैं। चूंकि इन सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से होती है, इसलिए ट्रंप प्रशासन इस अवसर का उपयोग संस्थान की दिशा बदलने के लिए कर सकता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ट्रंप प्रशासन स्मिथसोनियन पर क्या आरोप लगा रहा है?
उत्तर: प्रशासन का आरोप है कि संस्थान संघीय भेदभाव कानूनों का उल्लंघन कर रहा है और 'वोक' विचारधारा के माध्यम से अमेरिकी इतिहास को गलत तरीके से पेश कर रहा है।
प्रश्न 2: क्या स्मिथसोनियन की फंडिंग वास्तव में बंद हो सकती है?
उत्तर: सरकार ने संकेत दिया है कि यदि संस्थान अपनी संस्थागत विचारधारा और नेतृत्व में सुधार नहीं करता है, तो वह अनुदान और सहयोग कम कर सकती है।