महाराष्ट्र सरकार ने शिव सेना (UBT) की वरिष्ठ पार्षद और पूर्व मेयर विशाखा राउत को छह साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके ओबीसी जाति प्रमाण पत्र के गलत क्षेत्राधिकार के तहत जमा किए जाने के बाद की गई है।
- पूर्व मेयर विशाखा राउत को 6 साल के लिए पार्षद पद से अयोग्य घोषित किया गया है।
- जाति प्रमाण पत्र के गलत क्षेत्राधिकार के कारण यह कार्रवाई हुई।
- यह बीएमसी में विपक्ष के पांचवें पार्षद का मामला है जिसे अयोग्य ठहराया गया है।
मुंबई नगर निगम (BMC) में विपक्ष को एक बड़ा झटका देते हुए, महाराष्ट्र सरकार ने वरिष्ठ शिव सेना (UBT) पार्षद और पूर्व मेयर विशाखा राउत को छह साल के लिए पार्षद के रूप में चुने जाने से अयोग्य घोषित कर दिया है। शहरी विकास विभाग द्वारा जारी एक सरकारी प्रस्ताव (GR) के अनुसार, यह निर्णय उनके ओबीसी जाति प्रमाण पत्र की जांच के बाद लिया गया है।
जाति प्रमाण पत्र विवाद की जड़
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पालघर की जाति प्रमाण पत्र जांच समिति ने 21 अगस्त को विशाखा राउत के ओबीसी जाति प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया। समिति ने पाया कि प्रमाण पत्र गलत क्षेत्राधिकार (wrongful jurisdiction) के तहत दायर किया गया था। इस निर्णय के बाद, शहरी विकास विभाग ने 1 सितंबर को आधिकारिक आदेश जारी किया, जिसमें उन्हें 20 अगस्त 2026 से छह साल की अवधि के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रभाव
विशाखा राउत मुंबई के अत्यधिक प्रभावशाली 191 वार्ड का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिसमें शिवाजी पार्क और दादर वेस्ट का क्षेत्र शामिल है। जनवरी में हुए चुनावों में, राउत ने शिंदे गुट की शिव सेना की प्रिया सारवंकर गुराव को मात्र 167 वोटों के अंतर से हराया था। यह सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित थी, जिससे इस फैसले ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कार्रवाई बीएमसी की सत्ता संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है, विशेष रूप से दादर और शिवाजी पार्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में।
जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर उठते सवाल नगर निकायों में चुनावी शुचिता और कानूनी प्रक्रियाओं के महत्व को रेखांकित करते हैं।
विपक्ष के अन्य सदस्यों पर कार्रवाई का सिलसिला
विशाखा राउत विपक्ष के पांचवें ऐसे पार्षद हैं जिन्हें अयोग्य ठहराया गया है। हालांकि, यह पहला मामला है जहां शहरी विकास विभाग ने सीधे तौर पर अयोग्यता का आदेश जारी किया है। इससे पहले, जून और जुलाई के बीच चार अन्य पार्षदों को भी इसी तरह के आधारों पर अयोग्य घोषित किया जा चुका है:
| पार्षद का नाम | पार्टी | वार्ड/क्षेत्र |
|---|---|---|
| दीपक सावंत | शिव सेना (UBT) | भंडुप (वार्ड 111) |
| समीर रमजान पटेल | AIMIM | वार्ड 137 |
| रोशन शेख | AIMIM | वार्ड 138 |
| बुशरा नदीम मलिक | NCP | कुर्ला ईस्ट (वार्ड 170) |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: विशाखा राउत को क्यों अयोग्य घोषित किया गया है?
उत्तर: उनके ओबीसी जाति प्रमाण पत्र को गलत क्षेत्राधिकार के तहत जमा करने के कारण जांच समिति ने उसे रद्द कर दिया था।
प्रश्न 2: अयोग्यता की अवधि क्या है?
उत्तर: उन्हें 20 अगस्त 2026 से छह वर्षों के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।