ऊर्जा मंत्री गोटिपति रवि कुमार ने राज्य भर में निर्बाध बिजली आपूर्ति और कृषि के लिए दिन में बिजली सुनिश्चित करने हेतु व्यापक बुनियादी ढांचे के विकास की घोषणा की है। सरकार ₹6,200 करोड़ के कार्यों और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

  • राज्य भर में ₹6,200 करोड़ के बुनियादी ढांचे के कार्यों को मंजूरी दी गई है।
  • किसानों के लिए दिन में गुणवत्तापूर्ण बिजली और पीएम-कुसुम योजना पर जोर।
  • सूर्य घर योजना के तहत पिछड़ा वर्ग के परिवारों को अतिरिक्त ₹20,000 की सहायता।
  • 200 से अधिक नए 33/11 KV सबस्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

आंध्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री गोटिपति रवि कुमार ने राज्य की बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने और भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना की घोषणा की है। शनिवार को अन्नमया जिले के रायचोटी में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान, मंत्री ने अधिकारियों को अगले पांच वर्षों के लिए बिजली की बढ़ती मांग का अनुमान लगाने और उसके अनुसार बुनियादी ढांचे को तैयार करने के निर्देश दिए।

सरकार ने राज्य भर में ट्रांसफार्मर, सबस्टेशन और बिजली लाइनों सहित लगभग ₹6,200 करोड़ के अतिरिक्त बुनियादी ढांचे के कार्यों को जमीन पर उतारा है। मंत्री ने बताया कि राज्य भर में 200 से अधिक 33/11 KV सबस्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी आवश्यक हो, उच्च क्षमता वाले सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइनों को मजबूत किया जाए ताकि बिजली की आपूर्ति में कोई बाधा न आए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आंध्र प्रदेश का यह कदम न केवल औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। बिजली की मांग में निरंतर वृद्धि को देखते हुए, बुनियादी ढांचे में निवेश की कमी भविष्य में लोड शेडिंग और तकनीकी खराबी का कारण बन सकती है।

आंध्र प्रदेश का बिजली बुनियादी ढांचे पर यह निवेश राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और कृषि स्थिरता के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।

कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हुए, श्री रवि कुमार ने किसानों को दिन के समय गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। इसके साथ ही, पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने सुरक्षा पर भी जोर देते हुए कहा कि आवासीय क्षेत्रों से गुजरने वाली खतरनाक बिजली लाइनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में, सरकार ने सूर्य घर योजना के माध्यम से एक महत्वपूर्ण प्रगति दिखाई है। अब तक अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के 6 लाख घरों को कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सरकार अब इस योजना का विस्तार पिछड़ा वर्ग के परिवारों तक करने की योजना बना रही है, जिसमें केंद्र की सब्सिडी के अलावा राज्य सरकार प्रत्येक कनेक्शन पर ₹20,000 तक की अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगी।

वितरण क्षेत्र में सुधार के लिए, सरकार ₹700 करोड़ की संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) को तेजी से लागू कर रही है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लो-वोल्टेज वाले क्षेत्रों की पहचान की जाए और वहां वितरण ट्रांसफार्मर को अपग्रेड किया जाए। इसके अतिरिक्त, मदनापल्ले में एक इनडोर सबस्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया भी जारी है।

Did You Know?: सौर ऊर्जा न केवल बिजली बिल कम करती है, बल्कि यह ग्रिड पर लोड को कम करके बिजली कटौती की समस्या को भी हल कर सकती है।

Frequently Asked Questions

1. सरकार बिजली बुनियादी ढांचे पर कितना खर्च कर रही है?
सरकार ने राज्य भर में लगभग ₹6,200 करोड़ के बुनियादी ढांचे के कार्यों को मंजूरी दी है।

2. सूर्य घर योजना के तहत क्या लाभ मिलेगा?
पिछड़ा वर्ग के परिवारों को केंद्र की सब्सिडी के अलावा राज्य सरकार से ₹20,000 तक की अतिरिक्त सहायता मिल सकती है।