पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने सीबीआई और ईडी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि निगरानी की कमी के कारण ये एजेंसियां अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रही हैं।
- चिदंबरम ने सीबीआई और ईडी को अधिक शक्तियां देने का कड़ा विरोध किया।
- उन्होंने कहा कि निगरानी की कमी के कारण एजेंसियां 'पिटबुल' की तरह व्यवहार कर रही हैं।
- सीवीसी (CVC) की विफलता और राजनीतिक हस्तक्षेप पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने देश की प्रमुख जांच एजेंसियों, विशेष रूप से सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) की स्वायत्तता और शक्तियों के विस्तार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने एक बेहद प्रभावशाली रूपक का उपयोग करते हुए कहा कि 'पिंजरे में बंद तोता कभी-कभी पिटबुल बन जाता है' क्योंकि उस पर उचित निगरानी और नियंत्रण का अभाव होता है।
चिदंबरम का तर्क है कि सीबीआई में कार्यरत अधिकांश अधिकारी राज्यों से प्रतिनियुक्ति पर आते हैं और वे अपने राज्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र में पहुंचते ही उनके व्यवहार में बदलाव क्यों आता है? उन्होंने संकेत दिया कि केंद्रीय नियंत्रण और जवाबदेही की कमी के कारण ये अधिकारी अपनी वैध सीमाओं को पार कर रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि जांच एजेंसियों की स्वायत्तता और उनके राजनीतिकरण के बीच का संघर्ष भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यदि जांच एजेंसियां कानून के बजाय स्वयं ही कानून बन जाएं, तो यह संवैधानिक ढांचे के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
'सीबीआई और ईडी अपनी वैध शक्तियों की सीमाओं को बहुत पहले पार कर चुके हैं; वे अपने आप में कानून बन गए हैं।'
चिदंबरम ने आगे कहा कि यदि इन एजेंसियों को और अधिक शक्तियां दी गईं, तो देश में अराजकता फैल सकती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों को राजनीतिक दबाव के कारण स्वतंत्र रूप से कार्य करने में कठिनाई होती है, क्योंकि उन्हें तबादलों की धमकी दी जाती है।
केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) पर हमला बोलते हुए, उन्होंने इसे पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने तर्क दिया कि सीवीसी द्वारा अनुमोदित कई चार्जशीट में आरोपी अदालत से बरी हो रहे हैं, जो आयोग की जांच गुणवत्ता पर सवाल उठाता है।
Frequently Asked Questions
1. पी. चिदंबरम ने सीबीआई के बारे में क्या चिंता जताई?
उन्होंने कहा कि निगरानी की कमी के कारण सीबीआई के अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं और केंद्र में आते ही उनका व्यवहार बदल जाता है।
2. चिदंबरम ने सीवीसी (CVC) की आलोचना क्यों की?
उन्होंने कहा कि सीवीसी द्वारा पेश की गई कई चार्जशीट अदालत में टिक नहीं पा रही हैं, जिससे इसकी विफलता सिद्ध होती है।