अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने डेमोक्रेटिक पार्टी के मौजूदा नेतृत्व और उसकी नीतियों की तीखी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने कामकाजी वर्ग का साथ छोड़ दिया है, जिससे उसे चुनावों में नुकसान उठाना पड़ रहा है। सैंडर्स ने आगामी मध्यावधि चुनाव और 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी अपनी रणनीति स्पष्ट की है।

  • सैंडर्स ने आरोप लगाया कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने कामकाजी वर्ग के मतदाताओं की उपेक्षा की है, जिससे उसकी चुनावी हार हुई है।
  • वर्मोंट के सीनेटर ने मध्यावधि चुनावों से पहले लोकलुभावन आर्थिक नीतियों की ओर झुकाव की वकालत की।
  • सैंडर्स ने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रगतिशील एजेंडे को आगे बढ़ाने की बात कही, हालांकि खुद के चुनाव लड़ने पर स्थिति साफ नहीं की।

वर्मोंट के सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने एक बार फिर डेमोक्रेटिक पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। हाल के चुनावों में कामकाजी वर्ग के मतदाताओं के रिपब्लिकन पार्टी की ओर झुकाव के बाद, सैंडर्स का तर्क है कि डेमोक्रेट्स की विफलता केवल उनके प्रचार के तरीकों में नहीं, बल्कि उनकी बुनियादी नीतियों में है। उन्होंने कहा कि पार्टी तेजी से केवल पेशेवर वर्ग की प्रतिनिधि बनती जा रही है, जिससे वह बहु-जातीय कामकाजी वर्ग पीछे छूट गया है जो कभी इसकी रीढ़ हुआ करता था।

आगामी मध्यावधि चुनावों पर बात करते हुए, सैंडर्स ने चेतावनी दी कि यदि पार्टी अपनी पुरानी नीतियों पर ही चलती रही, तो उसे गंभीर हार का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि डेमोक्रेट्स को न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने, मेडिकेयर का विस्तार करने और कॉर्पोरेट एकाधिकार को चुनौती देने जैसे कड़े आर्थिक सुधारों की वकालत करनी चाहिए। सैंडर्स के अनुसार, मतदाता प्रगतिशील विचारों को नहीं, बल्कि एक ऐसी पार्टी को खारिज कर रहे हैं जिसे वे अभिजात वर्ग और जमीनी हकीकत से दूर मानते हैं।

यह पहली बार नहीं है जब सैंडर्स ने पार्टी को आगाह किया है। उनके 2016 और 2020 के ऐतिहासिक राष्ट्रपति अभियानों ने डेमोक्रेटिक नेतृत्व को हिलाकर रख दिया था। उन्होंने दिखाया था कि लोकतांत्रिक समाजवाद और लोकलुभावन आर्थिक नीतियों के प्रति अमेरिकी जनता में कितना गहरा आकर्षण है। पिछले एक दशक में, सैंडर्स ने लगातार पार्टी को अधिक प्रगतिशील बनाने का प्रयास किया है, हालांकि उन्हें अक्सर पार्टी के भीतर उदारवादी और कॉर्पोरेट-समर्थित गुटों से कड़े विरोध का सामना करना पड़ा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि सैंडर्स की यह तीखी आलोचना डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर चल रहे गहरे वैचारिक मतभेदों को उजागर करती है। जैसे-जैसे पार्टी अपने गठबंधन को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रही है, मध्यमार्गी नीतियों और प्रगतिशील लोकलुभावनवाद के बीच का यह संघर्ष अगले दशक के लिए उसकी चुनावी प्रासंगिकता तय करेगा।

"डेमोक्रेटिक पार्टी केवल जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से कामकाजी वर्ग का विश्वास वापस नहीं जीत सकती; इसके लिए पार्टी की प्राथमिकताओं में एक संरचनात्मक बदलाव की आवश्यकता है," राजनीतिक विश्लेषक डॉ. एरिस थोर्न कहते हैं।

2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अभी से अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि 80 के दशक के उत्तरार्ध में कदम रख चुके सैंडर्स ने खुद के चुनाव लड़ने पर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रगतिशील आंदोलन एक ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारेगा जो इन आर्थिक सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करता हो। चाहे वह किंगमेकर की भूमिका निभाएं या खुद मैदान में उतरें, पार्टी के एजेंडे पर उनका प्रभाव बना रहेगा।

मुद्दासैंडर्स / प्रगतिशील मंचमुख्यधारा डेमोक्रेटिक मंच
स्वास्थ्य सेवासभी के लिए मेडिकेयर (सिंगल-पेयर)एसीए को मजबूत करना / सार्वजनिक विकल्प
उच्च शिक्षासार्वजनिक कॉलेजों में मुफ्त शिक्षालक्षित ऋण माफी और अनुदान
न्यूनतम मजदूरी$17+ संघीय न्यूनतम मजदूरी$15 संघीय न्यूनतम मजदूरी
क्या आप जानते हैं?: बर्नी सैंडर्स अमेरिकी इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्दलीय सांसद (कांग्रेस सदस्य) हैं, जिन्हें पहली बार 1990 में प्रतिनिधि सभा के लिए चुना गया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: बर्नी सैंडर्स डेमोक्रेटिक पार्टी की आलोचना क्यों कर रहे हैं?
उत्तर 1: सैंडर्स का मानना है कि पार्टी ने अमीर चंदादाताओं और कॉर्पोरेट हितों के पक्ष में अपने कामकाजी वर्ग के आधार को छोड़ दिया है, जिससे उसे लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ रहा है।

प्रश्न 2: क्या बर्नी सैंडर्स 2028 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ेंगे?
उत्तर 2: हालांकि सैंडर्स ने अभी तक किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया है, लेकिन उन्होंने जोर दिया है कि प्रगतिशील आंदोलन को एक ऐसे उम्मीदवार को आगे बढ़ाना चाहिए जो कामकाजी वर्ग के हितों के लिए लड़े।