तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने विपक्षी दलों को उनके शासन के 30 महीनों के प्रदर्शन पर विधानसभा में बहस करने की खुली चुनौती दी है। उन्होंने बीआरएस सरकार और केंद्र सरकार पर भी तीखे हमले किए।
- मुख्यमंत्री ने विधानसभा और विधान परिषद के विशेष सत्र बुलाने की चुनौती दी।
- बीआरएस सरकार पर तेलंगाना को ₹8.11 लाख करोड़ के कर्ज में डुबोने का आरोप लगाया।
- मुसी नदी पुनरुद्धार और एसएलबीसी परियोजना को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- सड़क बुनियादी ढांचे के लिए ₹90,000 करोड़ के निवेश का दावा किया।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने विपक्षी दलों के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए उन्हें विधानसभा के पटल पर सरकार के कामकाज पर बहस करने के लिए ललकारा है। नलगोंडा के एनजी कॉलेज मैदान में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि वे अपने 30 महीनों के प्रशासन, पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार और केंद्र सरकार के प्रदर्शन पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
रेवंत रेड्डी ने विपक्ष को सुझाव दिया कि वे इस चर्चा के लिए विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति को पत्र लिखकर विशेष सत्र आयोजित करने का अनुरोध करें। उन्होंने कहा, “विपक्ष लगातार पूछता है कि कांग्रेस ने क्या किया है। हम विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार हैं। आइए सदन में तय करें कि किसने क्या किया है।”
बीआरएस पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने के. चंद्रशेखर राव (KCR) के नेतृत्व वाली बीआरएस सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछले शासन ने राज्य को भारी कर्ज के बोझ तले दबा दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि मात्र दस वर्षों में तेलंगाना को ₹8.11 लाख करोड़ के कर्ज में कैसे डुबो दिया गया, जिसका खामियाजा भुगतने में सौ साल लग सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीआरएस का भविष्य समाप्त हो चुका है और समाज ने उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है।
रेवंत रेड्डी का यह रुख दर्शाता है कि तेलंगाना में सत्ता का संघर्ष अब केवल नीतिगत नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और ऐतिहासिक दावों पर केंद्रित हो गया है।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, रेड्डी का यह आक्रामक रुख आगामी चुनावों से पहले अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने और विकास कार्यों का श्रेय लेने की एक सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मुसी नदी पुनरुद्धार परियोजना को किसी भी कीमत पर पूरा करेंगे और इसमें बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
विकास और बुनियादी ढांचा
उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने बताया कि राज्य में सड़क विकास के लिए अभूतपूर्व धनराशि आवंटित की गई है। उन्होंने बताया कि हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत ₹13,000 करोड़ की सड़कों की नींव रखी गई है। केंद्रीय सड़क और बुनियादी ढांचा कोष (CRIF) और अन्य बजटीय प्रावधानों को मिलाकर, सड़क बुनियादी ढांचे में लगभग ₹90,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions
1. मुख्यमंत्री ने विपक्ष को क्या चुनौती दी है?
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को अपने कार्यकाल के प्रदर्शन पर विधानसभा में विशेष सत्र के दौरान बहस करने की चुनौती दी है।
2. बीआरएस सरकार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि बीआरएस शासन के दौरान तेलंगाना पर ₹8.11 लाख करोड़ का भारी कर्ज चढ़ गया था।