सूरत नगर निगम में विवादों के बाद नए प्रशासनिक युग की शुरुआत हो रही है। राज्य सरकार ने आईएएस अधिकारी राज कुमार बेनीवाल को सूरत का नया नगर आयुक्त नियुक्त किया है।

  • IAS अधिकारी राज कुमार बेनीवाल सूरत के नए नगर आयुक्त नियुक्त किए गए हैं।
  • यह नियुक्ति नासिर नगर में हुए विवादास्पद ध्वस्तीकरण के बाद हुई है।
  • बेनीवाल इससे पहले गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स (GNFC) के एमडी थे।
  • सूरत नगर निगम का पद 11 अगस्त से खाली चल रहा था।

गुजरात सरकार ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए IAS अधिकारी राज कुमार बेनीवाल को सूरत नगर निगम (SMC) का नया आयुक्त नियुक्त किया है। बेनीवाल की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब सूरत प्रशासन पिछले कुछ महीनों से नासिर नगर में किए गए विवादित ध्वस्तीकरण के मामलों से जूझ रहा है।

बेनीवाल, जो 2004 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, इससे पहले गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (GNFC), भरूच में प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत थे। उनके साथ छह अन्य अधिकारियों का भी तबादला किया गया है। उल्लेखनीय है कि बेनीवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहनगर वडनगर में विकास परियोजनाओं के लिए नोडल अधिकारी भी रहे हैं, जो उनकी प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, सूरत में आयुक्त का पद 11 अगस्त से रिक्त था, जब पूर्व आयुक्त एम. नागराजन का स्थानांतरण किया गया था। नागराजन का कार्यकाल काफी विवादों में रहा, विशेष रूप से 30 मई को नासिर नगर में किए गए ध्वस्तीकरण के बाद।

इस ध्वस्तीकरण के कारण 26 लोग बेघर हो गए थे, जिन्होंने गुजरात उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि निगम ने उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। अदालत में यह भी तर्क दिया गया कि निजी भूखंडों पर किए गए ध्वस्तीकरण के लिए सीधे तौर पर सूरत नगर निगम जिम्मेदार था।

सूरत में नए आयुक्त की नियुक्ति प्रशासन की छवि को सुधारने और कानूनी विवादों को सुलझाने की एक रणनीतिक कोशिश है।

प्रशासनिक फेरबदल की इस लहर में अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी शामिल हैं। रेम्या मोहन मुथाडथ को आवास और निर्मल गुजरात विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि संजीव कुमार को GNFC के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: नासिर नगर विवाद

सूरत का नासिर नगर क्षेत्र पिछले कुछ महीनों से कानूनी और सामाजिक संघर्ष का केंद्र बना हुआ है। नगर निगम द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान ने न केवल मानवीय संकट पैदा किया, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं की वैधता पर भी सवाल खड़े कर दिए। यह मामला अब उच्च न्यायालय के विचाराधीन है, जो नए आयुक्त के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा।

Did You Know?: सूरत को भारत का 'डायमंड सिटी' कहा जाता है और यह भारत के सबसे तेजी से बढ़ते नगर निगमों में से एक है।

Frequently Asked Questions

1. राज कुमार बेनीवाल कौन हैं?
राज कुमार बेनीवाल 2004 बैच के एक अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं, जो पहले GNFC के एमडी थे।

2. सूरत नगर निगम का पद क्यों खाली था?
पूर्व आयुक्त एम. नागराजन के स्थानांतरण के बाद से यह पद 11 अगस्त से रिक्त था।