कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत में स्तनपान की गिरती दरों के लिए संरचनात्मक चुनौतियों को जिम्मेदार ठहराया है और सवैतनिक मातृत्व अवकाश की आवश्यकता पर जोर दिया है।
- शशि थरूर ने स्तनपान की कम दरों के लिए संरचनात्मक स्वास्थ्य चुनौतियों को जिम्मेदार ठहराया।
- भारत में 16 करोड़ से अधिक महिलाएं असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं।
- आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए कई महिलाएं प्रसव के कुछ ही हफ्तों बाद काम पर लौटने को मजबूर हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने हाल ही में भारत में स्तनपान की गिरती दरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने तर्क दिया है कि यह केवल व्यक्तिगत पसंद का मामला नहीं है, बल्कि भारत के स्वास्थ्य सेवा ढांचे और कार्यस्थल की नीतियों के भीतर निहित गहरी संरचनात्मक चुनौतियों का परिणाम है।
थरूर ने विशेष रूप से भारत के विशाल असंगठित क्षेत्र की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि देश में 16 करोड़ से अधिक महिलाएं असंगठित क्षेत्र में काम करती हैं। इन महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश का अभाव एक गंभीर संकट है, क्योंकि उन्हें अपने परिवार की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रसव के मात्र कुछ ही हफ्तों के भीतर काम पर वापस लौटना पड़ता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में मातृत्व नीतियों का सीधा संबंध शिशु स्वास्थ्य और दीर्घकालिक पोषण से है। जब काम पर लौटने का दबाव बहुत जल्दी आता है, तो स्तनपान की अवधि कम हो जाती है, जिसका सीधा असर शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता और विकास पर पड़ता है।
सवैतनिक मातृत्व अवकाश केवल एक कल्याणकारी नीति नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के भविष्य के स्वास्थ्य में एक निवेश है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार और कॉर्पोरेट क्षेत्र सवैतनिक अवकाश और लचीली कार्य नीतियों को अनिवार्य नहीं करते हैं, तो पोषण संबंधी अंतराल और बढ़ सकता है। यह मुद्दा केवल स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि लैंगिक समानता और आर्थिक सुरक्षा का भी है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में मातृत्व लाभ अधिनियम (Maternity Benefit Act) में समय-समय पर सुधार हुए हैं, लेकिन असंगठित क्षेत्र की विशाल आबादी अभी भी इन लाभों से वंचित है। कानून के बावजूद, जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
Frequently Asked Questions
1. शशि थरूर ने स्तनपान की कमी का मुख्य कारण क्या बताया?
उन्होंने कार्यस्थल पर संरचनात्मक चुनौतियों और सवैतनिक अवकाश की कमी को मुख्य कारण बताया।
2. असंगठित क्षेत्र की महिलाओं पर क्या प्रभाव पड़ता है?
आर्थिक दबाव के कारण उन्हें प्रसव के तुरंत बाद काम पर लौटना पड़ता है, जिससे स्तनपान बाधित होता है।