हैदराबाद महानगर जल आपूर्ति और सीवेज बोर्ड (HMWS&SB) ने शहर में पानी की किल्लत और सीवेज समस्याओं को दूर करने के लिए 15 और 30 दिनों के सख्त लक्ष्य निर्धारित किए हैं। एमडी अशोक रेड्डी ने अधिकारियों को स्थायी समाधान खोजने और राजस्व में वृद्धि करने के निर्देश दिए हैं।

  • कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों के लिए 15 और 30 दिनों के सख्त लक्ष्य निर्धारित।
  • मिशन भागीरथी के अतिरिक्त 40 MGD पानी का उपयोग कम आपूर्ति वाले क्षेत्रों में किया जाएगा।
  • अगले चार महीनों में राजस्व में 20% की वृद्धि का लक्ष्य।
  • अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी बुनियादी ढांचे के समाधान पर जोर।

हैदराबाद के महानगर जल आपूर्ति और सीवेज बोर्ड (HMWS&SB) के प्रबंध निदेशक अशोक रेड्डी ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल अस्थायी सुधारों से काम नहीं चलेगा; शहर के उन क्षेत्रों में जहां पानी की आपूर्ति और सीवेज प्रबंधन की स्थिति सबसे खराब है, वहां 15 और 30 दिनों के भीतर दृश्यमान सुधार होने चाहिए।

बैठक में हैदराबाद, साइबरबाद और मलकाजगिरी क्षेत्रों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। एमडी रेड्डी ने डेटा-संचालित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया, जिसमें सबसे अधिक शिकायतों वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी और संबंधित प्रबंधकों को अपने अधिकार क्षेत्र के लिए विशिष्ट कार्य योजनाएं (Action Plans) तैयार करने को कहा गया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the shift from 'temporary fixes' to 'permanent solutions' indicates a systemic overhaul in Hyderabad's urban utility management. By linking staff deployment to the actual reduction in complaints, the board is moving towards a performance-based accountability model, which is crucial for a rapidly expanding metropolis.

"Urban water management requires a transition from reactive maintenance to predictive infrastructure planning to sustain mega-city growth."

संसाधनों के अनुकूलन पर चर्चा करते हुए, अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर कर्मचारियों और मशीनरी की तैनाती को तर्कसंगत बनाएं। साथ ही, जलाशयों के स्तर, आपूर्ति के समय और कम दबाव वाले क्षेत्रों की दैनिक निगरानी करने का आदेश दिया गया है।

एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, मिशन भागीरथी के तहत उपलब्ध अतिरिक्त 40 MGD (मिलियन गैलन प्रति दिन) पानी का उपयोग उन क्षेत्रों में किया जाएगा जहां वर्तमान में आपूर्ति कम है। इसके अलावा, बोर्ड ने अगले चार महीनों में अपने राजस्व में 20% की वृद्धि का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसकी निगरानी मासिक समीक्षाओं के माध्यम से की जाएगी।

Did You Know?: मिशन भागीरथी तेलंगाना सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसका उद्देश्य राज्य के हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: वाटर बोर्ड ने किन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया है?
उत्तर: बोर्ड ने उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है जहां शिकायतों की संख्या सबसे अधिक है और जहां पानी का दबाव कम है।

प्रश्न 2: राजस्व वृद्धि के लिए क्या लक्ष्य रखा गया है?
उत्तर: एमडी अशोक रेड्डी ने अगले चार महीनों के भीतर कुल राजस्व में 20% की वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया है।